अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गुलाम अहमद मीर ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा का नाम और नीतियां बदलकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के कानूनी अधिकार को छीनने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कदम का मुंहतोड़ जवाब देगी।
कांग्रेस महासचिव मीर सोमवार को अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से औपचारिक बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा से जुड़ा यह फैसला कैबिनेट में चर्चा किए बिना सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संघीय ढांचे के खिलाफ है।
मीर ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोगों के लिए रोजगार और कानूनी मजदूरी अधिकार की गारंटी था। नई योजना उस अधिकार-आधारित ढांचे को कमजोर करती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचेगी और गरीब वर्ग पर इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे गांवों में बेरोजगारी बढ़ेगी और पलायन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पढे़ं: डूंगरपुर में दो सांसद चलती बैठक में भिड़े, तू-तड़ाक की आ गई नौबत; माहौल गर्माया
उन्होंने यह भी कहा कि नई योजना में राज्य सरकारों के हिस्से में बढ़ोतरी से राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जो पहले से ही सीमित संसाधनों से जूझ रहे हैं। कांग्रेस इस बदलाव को गरीब विरोधी और राज्य विरोधी करार देती है। गुलाम अहमद मीर ने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को समाप्त करने या कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ 5 जनवरी से “मनरेगा बचाओ” देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी और सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा।
इस अवसर पर अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह रलावता के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मीर का माला और साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक आनंद मंगल मिश्र, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान महासचिव शिव कुमार बंसल, नगर निगम अजमेर के पूर्व उपायुक्त एवं पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता, रामचंद्र बीजावत, महेंद्र कटारिया, दुर्गा सिंह राठौर, हेमेन्द्र सिंह मऊ, कुश रलावता, विजय सिंह पवार, अहमद हुसैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।