Burhanpur News: लोकल 18 की टीम ने राकेश तिवारी से बात की तो उन्होंने बताया कि उनका सपना डिप्टी कलेक्टर बनने का था. एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दो बार परीक्षा दी. लेकिन सफलता नहीं मिली. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 6 लाख रुपए का लोन लेकर प्रिंटिंग प्रेस, पत्रिका, बैनर पोस्टर का काम शुरू कर दिया. आज वे 15 सालों से यह काम कर रहे है और 15 लोगों को रोजगार दे रहे है.
लोकल 18 की टीम ने राकेश तिवारी से बात की तो उन्होंने बताया कि उनका सपना डिप्टी कलेक्टर बनने का था. एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दो बार परीक्षा दी. लेकिन सफलता नहीं मिली. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 6 लाख रुपए का लोन लेकर प्रिंटिंग प्रेस, पत्रिका, बैनर पोस्टर का काम शुरू कर दिया. आज वे 15 सालों से यह काम कर रहे है और 15 लोगों को रोजगार दे रहे है. उनकी हर साल 4 से 5 लाख रुपए की कमाई होती है. उन्होंने सुझाव दिया कि आप भी नया बिजनेस शुरू करने जा रहे है तो यह बिजनेस 10 लाख रुपए में शुरू कर सकते है.
अमरावती से इंदौर तक करते है काम
राकेश तिवारी बताते है कि वे अमरावती से लेकर इंदौर तक काम करते है. जहां भी बैनर पोस्टर, ऑनलाइन एडवर्टाइजिंग या ऑफलाइन एडवर्टाइजिंग का काम आता है. लोग उनसे ही संपर्क करते है. उनके द्वारा यह काम महाराष्ट्र के अमरावती से लेकर इंदौर तक किया जाता है. उन्होंने हाईटेक मशीन खरीद रखी है. जिसके माध्यम से वे बैनर पोस्टर तैयार करते है. आज डिजिटल युग में इनकी सबसे अधिक डिमांड है.
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