ईरान पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी के बीच वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राजस्थान के कोटा निवासी एक एमबीबीएस छात्र समेत कुल 110 भारतीय विद्यार्थी ईरान की उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में फंसे हुए हैं। छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की मांग को लेकर राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक और बूंदी निवासी कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर की है।
शर्मा ने इस मामले में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को भी अवगत कराया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के नाम अधिकृत शिकायत दर्ज कराते हुए छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की मांग की है। साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी छात्रों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
परीक्षाओं के बीच शुरू हुआ युद्ध
जानकारी के अनुसार कोटा निवासी छात्र माज हैदर सहित 110 भारतीय छात्र ईरान के वेस्ट अजरबैजान स्थित उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इसी दौरान उनकी परीक्षाएं चल रही थीं कि अचानक ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू हो गया। इसके बाद छात्र वहीं फंस गए। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्र में भी बमबारी की घटनाएं हुई हैं, जिससे छात्रों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
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कोटा के छात्र माज हैदर के मामा जुनैद फारुखी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए चर्मेश शर्मा से छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी। इसके बाद शर्मा ने विदेश मंत्रालय और ईरान स्थित भारतीय दूतावास को भी स्थिति से अवगत कराया।
यूनिवर्सिटी के पास भी गिरे बम
जुनैद फारुखी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से परिवार बेहद चिंतित है। उनके भांजे माज हैदर जिस उर्मिया मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, वहां से कुछ किलोमीटर दूर तक बम गिरने की घटनाएं हुई हैं और लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। विश्वविद्यालय में माज हैदर सहित 110 भारतीय छात्र मौजूद हैं, जो फिलहाल वहीं फंसे हुए हैं।
छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की मांग
राष्ट्रपति के नाम दायर याचिका में चर्मेश शर्मा ने कहा कि उर्मिया विश्वविद्यालय में फंसे सभी भारतीय छात्रों का जीवन संकट में है, क्योंकि ईरान में लगातार बमबारी हो रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भी ईरान पर और हमलों की चेतावनी दी है। ऐसे में भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समन्वय के जरिए तुरंत कदम उठाकर सभी छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाना चाहिए।
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