गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य परेड में इस वर्ष भी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का ऊंट दस्ता विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौड़ के नेतृत्व में बीएसएफ का 90 ऊंटों का यह दस्ता परेड में हिस्सा ले रहा है। इस ऊंट दस्ते में कैमल कंटिजेंट के साथ कैमल माउंटेड बैंड भी शामिल है, जो परेड की शोभा को और बढ़ाएगा। पूरे कंटिजेंट की कमान उप समादेष्टा महेंद्र पाल सिंह राठौड़ के पास है, जो राजस्थान के जोधपुर निवासी हैं। 1976 से परेड में शामिल हो रहा है दस्ता
बीएसएफ का यह ऊंट दस्ता वर्ष 1976 से लगातार गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेता आ रहा है और अपनी विशिष्ट वेशभूषा, अनुशासन और पारंपरिक प्रस्तुति के कारण हर वर्ष दर्शकों के बीच खास पहचान बनाता है। इस दल में शामिल 90 ऊंटों में से 60 ऊंट जोधपुर सीमांत और 40 ऊंट बीकानेर सीमांत से शामिल किए गए हैं। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर कदमताल करता बीएसएफ का यह ऊंट दस्ता न केवल परेड की गरिमा बढ़ाएगा, बल्कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में बलिदान और परंपरा का संदेश भी देगा। दस्ते का नेतृत्व करने वाले डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौड़ मूल रूप से नागौर जिले की मेड़ता सिटी के पास स्थित गांव गगराना के निवासी हैं। उनके पिता रघुनाथ सिंह राठौड़ भी बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 1990 में मणिपुर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। पिता की शहादत के बाद महेंद्र पाल सिंह राठौड़ ने भी बीएसएफ में शामिल होकर देश सेवा का मार्ग चुना।
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