Oyster mushroom cultivation: बोकारो जिले के चास की रहने वाली संतोषी गोराई आयस्टर मशरूम की खेती से अपनी अलग पहचान बना रही हैं. मशरूम उत्पादन के जरिए उन्होंने आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है और स्थानीय महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं
संतोषी गोराई ने आगे बताया कि उनके यूनिट से हर महीने करीब 400 किलो मशरूम का उत्पादन हो जाता है और तैयार मशरूम को वह स्थानीय व्यापारियो और ग्राहकों को फोन नंबर के जरिए होम डिलीवरी के द्वारा बेचती है. वहीं मशरूम खेती की लागत को लेकर संतोषी ने कहा कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए बहुत अधिक पूंजी की जरूरत नहीं होती कोई भी व्यक्ति मात्र 2000 रुपये से इसकी शुरुआत कर सकता है. उन्होंने खुद करीब 5000 रुपये से मशरूम खेती की शुरुआत की थी और आज उनके लिए एक सफल व्यवसाय बन चुका है.
घर पर आसानी से कर सकती हैं महिलाएं
उन्होंने बताया कि मशरूम फार्मिंग ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम लागत में अच्छी कमाई की जा सकती है. इस काम में उनके पति भी उनका पूरा सहयोग करते हैं, जिससे काम को आगे बढ़ाने में उन्हें काफी मदद मिलती है. संतोषी गोराई के अनुसार मशरूम फार्मिंग दुनिया के बेहतरीन बिजनेस है जिसे खासकर महिलाएं घर पर रहकर, बच्चों की देखभाल करते हुए भी इसे आसानी से कर सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में योगदान दे सकती हैं.
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