बिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 26 जिलों के लिए ‘कोल्ड डे’ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पछुआ हवाओं के प्रवाह के कारण सूबे के अधिकतर हिस्सों में शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 30 दिसंबर तक प्रदेशवासियों को इस कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
उत्तर बिहार में ज्यादा असर, विजिबिलिटी 20 मीटर तक गिरी
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण बिहार की तुलना में उत्तर बिहार में ठंड का अधिक प्रभाव है। गुरुवार को गया और भागलपुर में कोहरे का सबसे ज्यादा असर रहा, जहां दृश्यता गिरकर महज 20 मीटर रह गई। यह इस सीजन का सबसे कम स्तर है। घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और लंबी दूरी की ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।
सहरसा सबसे ठंडा, किशनगंज में पारा सबसे ज्यादा
पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। बिहार में सबसे कम तापमान सहरसा के अगवानपुर में (6.7 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक तापमान किशनगंज (23 डिग्री सेल्सियस) का रहा। राज्य में औसत तापमान यानी न्यूनतम पारा 6.7 से 12.6 डिग्री और अधिकतम 17.3 से 23.0 डिग्री के बीच बना हुआ है।
इन 26 जिलों में ‘कोल्ड डे’ की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, जिसमें भागलपुर, सीतामढ़ी, जमुई, गोपालगंज, मुंगेर, बांका, शिवहर, मधुबनी,खगड़िया, कटिहार, अररिया, मधेपुरा, सुपौल, समस्तीपुर, सीवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, छपरा, सहरसा, किशनगंज, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक घने कोहरे और सर्द हवाओं की स्थिति बनी रहेगी। पछुआ हवाओं के कारण कनकनी और बढ़ेगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखें।
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