बांका जिले के चमरैली गांव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के भय में एक अधिवक्ता पिता और उसके बेटे ने मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी/बहन की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। शनिवार की सुबह गांव के नहर से किशोरी का रक्तरंजित शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के अंदर ही अंजाम दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए इसे ऑनर किलिंग करार दिया है।
अपहरण की झूठी कहानी रचकर प्रेमी को फंसाने की साजिश
हत्या के बाद मामले को भटकाने के उद्देश्य से मृतिका के पिता शशिभूषण ने एक दिन पूर्व बांका टाउन थाना में पड़ोसी गांव मजलिशपुर निवासी शैलेश कुमार पर शादी की नीयत से अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण का आरोप लगाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस की गहन जांच में यह कहानी पूरी तरह झूठी साबित हुई।
एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष जांच टीम
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर डीएसपी अमर विश्वास के नेतृत्व में टाउन थानाध्यक्ष अरविंद कुमार राय द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस का शक जल्द ही प्रेम प्रसंग और ऑनर किलिंग की ओर गया।
घर से 250 मीटर दूर नहर में मिला शव
शनिवार की सुबह मृतका का शव उसके घर से करीब 250 मीटर की दूरी पर स्थित नहर से बरामद किया गया। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने मृतिका के घर और आसपास कई स्थानों पर खून के धब्बे पाए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या घर के भीतर ही की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि एक जनवरी की रात मृतका अपने प्रेमी शैलेश यादव से शादी करने की जिद पर अड़ी थी। परिजनों द्वारा विरोध किए जाने पर उसने घर छोड़कर शादी करने की बात कही थी। इसी बात से आक्रोशित होकर तथा सामाजिक लोक-लज्जा और बदनामी के डर से पिता और भाई ने पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
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फोन पर सुनाई दी चीख-पुकार
मृतका के प्रेमी शैलेश कुमार ने पुलिस को बताया कि एक जनवरी की रात करीब 10:30 बजे उसकी फोन पर बातचीत हो रही थी। बातचीत के दौरान उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए उसे बचाने की गुहार लगाई थी। तभी फोन पर मारपीट और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद अचानक कॉल कट गया।
एफएसएल जांच में चौंकाने वाले खुलासे
एफएसएल टीम के सदस्य पवन प्रजापति और सुनील कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मृतका की हत्या उसके ही कमरे में बेड पर की गई थी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बेड, बेडशीट और अन्य सामान जला दिए गए। जांच के दौरान पिता के हाथ में बंधे रक्षा सूत्र पर भी मृतका के खून के नमूने पाए गए।
चाकू बरामद, पिता ने कबूला जुर्म
कड़ाई से पूछताछ के दौरान पिता शशिभूषण झा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घर के भीतर आम के पेड़ के पास जमीन में गाड़ा गया हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया।
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