बेगूसराय जिला एवं व्यवहार न्यायालय को असामाजिक तत्वों द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आधिकारिक मेल पर भेजी गई है।
धमकी भरा मेल सामने आते ही पूरे न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने तत्काल अपनी कुर्सी छोड़कर सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। एहतियातन सभी न्यायाधीश, अधिवक्ता और कोर्ट में मौजूद पक्षकारों को कोर्ट भवन से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद पूरे न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि धमकी भरा मेल अब तक मीडिया के सामने नहीं आया है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि मेल में कोर्ट को बम से उड़ाने की बात कही गई है।
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घटना के बाद न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के विभिन्न न्यायालयों में तैनात सुरक्षा कर्मियों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। इस दौरान सभी न्यायाधीश अपने-अपने कक्षों से बाहर निकलकर भवन के नीचे खुले परिसर में पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। संदिग्ध मेल की तकनीकी जांच की जा रही है और भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
युवा अधिवक्ता सुमित कुमार ने कहा कि इस तरह की धमकी देने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है। फिलहाल कोर्ट परिसर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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