इसरो और डीआरडीओ के साथ मिलकर आईआईटी बीएचयू आठ मिशन और उत्पादों पर रिसर्च करेगा। इसके लिए करीब चार करोड़ रुपये के रिसर्च प्रोजेक्ट आईआईटी बीएचयू को दिए गए हैं। रिसर्च और अध्ययन के विषय स्पेसक्राफ्ट, अंतरिक्ष मिशन, आदित्य एल-1, हाईवे सुरक्षा, स्मार्ट ट्रैफिक आदि होंगे। इसके निष्कर्ष, तकनीक और रिपोर्ट को सरकार या फंडिंग एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा।
इसके लिए इसरो ने 1.80 करोड़ रुपये से ज्यादा के सात और डीआरडीओ ने 2.11 करोड़ के एक प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी है। इन रिसर्च प्रोजेक्ट के साथ ही कुल पांच करोड़ के कुल 26 नए प्रोजेक्ट जारी किए गए हैं। इनके लिए बड़े स्तर वैज्ञानिकों और रिसर्चरों की भर्तियां भी होंगी।
इसे भी पढ़ें; Ghazipur News: चेयरमैन पर जानलेवा हमला, सफारी सवार हमलावरों ने वाहन में मारी टक्कर, बाल-बाल बची जान
इसरो के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के तौर पर स्पेसक्राफ्ट के एक्सपर्ट एजेंट और अंतरिक्ष मिशन के क्रू मेंबर्स को मदद करने के लिए उपकरणों पर शोध किया जाएगा। अभी तक इसरो की ओर से इसकी तकनीक को पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया गया है। आईआईटी बीएचयू इसमें एआई आधारित तकनीक बनाएगा। यह क्रू मेंबर्स की समस्याओं का समाधान भी देगा।
इसके अलावा डीआरडीओ ने सिलिकॉन से बेहतर और शुद्ध सिंगल क्रिस्टल तैयार करने के लिए करीब दो करोड़ से ज्यादा का प्रोजेक्ट दिया है। इसके लिए तीन साल की अवधि तय की गई है। ये सिंगल क्रिस्टल सिलिकॉन से ज्यादा ताप झेल सकता है। क्लाउडबिट्ज ने हाइवे सेफ्टी एनालिटिक्स और मॉडलिंग के लिए 25 लाख रुपये और पांच साल का समय दिया है।