मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन जब कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन में थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद सदन में कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार के बीच जोरदार बहस देखने को मिली.
मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय
उमंग सिंघार ने कही ये बात
दरअसल बहस के दौरान उमंग सिंघार ने सरकार और अडाणी समूह के बीच समझौते का मुद्दा उठाया और उन्होंने कहा कि अडाणी को बिजली खरीदने के नाम पर कई लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे, जिस पर सत्ता पक्ष गुस्सा हो गया. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जो सदस्य सदन में मौजूद नहीं है. उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए. फिर कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर कहा कि नेता प्रतिपक्ष गलत जानकारी परोस रहे हैं.
कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल
इस पर उमंग सिंघार बिगड़ गए और उन्होंने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ कहते हैं और जरूरत पड़ने पर सबूत दिखा भी सकते हैं. बस इसी पर कैलाश विजयवर्गीय भी ताव में आ गए और उन्होंने उमंग सिंघार से औकात में रहने की बात कर दी. इस पर दोनों नेताओं के बीच बहस तेज हो गई और दोनों दलों के कई विधायक भी खड़े हो गए और हंगामा करने लगे. इस दौरान सदन की कार्रवाई भी प्रभावित होती रही. कांग्रेस ने विजयवर्गीय को माफी के लिए भी घेरा. फिर सदन की कार्रवाई 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.
बाद में जब विधानसभा की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई, तो विपक्ष की तरफ से हंगामा किया गया. बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह व्यवहार पक्ष-विपक्ष की तरफ से सही नहीं है. मुझे ऐसे आचरण की आशा नहीं थी. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा में खुद अपने व्यवहार से खुश नहीं हूं. मुझे कभी सदन में गुस्सा नहीं आया. आज पहली बार ऐसा हुआ है. मैं नेता प्रतिपक्ष से स्नेह रखता हूं.
CM मोहन यादव ने सबकी तरफ से मांगी माफी
फिर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सबकी तरफ से माफी मांग ली. उन्होंने कहा कि सदन में जो हुआ उसके लिए माफी मांगता हूं. इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं संसदीय मर्यादा में रहता हूं. मेरे हावभाव से, मैंने गलत कहा तो मैं खेद व्यक्त करता हूं. मैं सीएम की भावना का सम्मान करता हूं. उन्होंने बड़ा दिल दिखाया है. जब प्रदेश की बात होगी. सदन की बात होगी, तो कभी मेरा अहम बीच में नहीं आएगा.
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