भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में हालिया आगजनी के बाद प्रशासन ने ऐसा एक्शन लिया कि अवैध पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान संयुक्त जांच दल ने दो अवैध पटाखा निर्माण फैक्टरी का भंडाफोड़ कर उन्हें सीज कर दिया। ये फैक्टरी मैसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी अलॉयज के नाम से आवंटित भूखंडों में संचालित हो रही थीं, लेकिन अंदर विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।
जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देश पर गठित टीम जब खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट G1-682 और G1-538A पर पहुंची तो दोनों इकाइयां बंद मिलीं। संचालक मौके से फरार था। कई बार बुलाने के बावजूद कोई नहीं पहुंचा तो प्रशासन, पुलिस और रीको अधिकारियों की मौजूदगी में ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर का नजारा चौंकाने वाला था, जहां भारी मात्रा में तैयार पटाखे, ज्वलनशील रसायन और निर्माण उपकरण बरामद हुए।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया गंभीर सुरक्षा उल्लंघन सामने आया है। एहतियातन दोनों फैक्टरी की बिजली तुरंत काट दी गई। पुलिस ने जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी है और विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दोनों भूखंड बिना रीको की अनुमति के किराये पर दिए गए थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। रीको ने एक मामले में 45 दिन और दूसरे में 90 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी कर निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आईजी रेंज जयपुर एच.जी. राघवेंद्र सुहास ने मौके का निरीक्षण कर सख्त निर्देश दिए। अभियान के तहत मंगलवार को रीको यूनिट प्रथम ने 170 और यूनिट द्वितीय ने 145 औद्योगिक इकाइयों की जांच की। प्रशासन ने साफ किया है कि भिवाड़ी, खुशखेड़ा और आसपास के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में अब लगातार सघन जांच होगी।
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