जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में सामने आया कि सलूंबर जिले में निक्षय पोषण योजना के तहत अब तक किसी भी लाभार्थी को भुगतान नहीं किया गया है। वहीं गैर-संचारी रोग कार्यक्रम की प्रगति सलूंबर, सेमारी और जयसमंद ब्लॉक में संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और तीनों बीसीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए टीबी स्कैनिंग अभियान में कम उपलब्धि पर भी नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने लसाडिया ब्लॉक में अब तक किए गए 123 एक्स-रे की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही माइक्रोस्कोप और नाट टेस्टिंग की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें: Baran News: हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के खिलाफ शाहाबाद में जोरदार प्रदर्शन, जंगल बचाने सड़कों पर उतरे हजारों लोग
कलेक्टर अवधेश मीना ने सभी रोगियों की आभा आईडी बनाने, बिना आभा आईडी के मरीजों की जांच नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने जयसमंद के बीसीएमओ डॉ. मनीष पाठक को डिलीवरी प्वाइंट की संख्या बढ़ाने को कहा। उप जिला चिकित्सालय सराड़ा को प्रथम रेफरल इकाई (एफआरयू) बनाने के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु, अति गंभीर गर्भवती महिलाओं की सूची और आयुष्मान आरोग्य मंदिर पोर्टल की रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. महेंद्र कुमार लोहार, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिंटू कुमावत, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश दोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्रपुरी गोस्वामी, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश मंडावरा, डॉ. संपत मीणा, डॉ. मनीष पाठक, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, डॉ. सतीश खराड़ी सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ. अक्षय व्यास, डॉ. केतुल चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.