बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना
जिला प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ 2016 में ओंकारेश्वर में लगभग 40 से 50 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। वर्तमान में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में चार गुना वृद्धि हो चुकी है। सिंहस्थ 2028 में यह संख्या 10 गुना तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि कुल 5 से 6 करोड़ श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंच सकते हैं, जबकि प्रतिदिन 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है।
इन योजनाओं पर होगा काम
बैठक में सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। इनमें ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर परिसर का विस्तार, गर्भगृह मार्ग और आसपास की सड़कों का चौड़ीकरण, बड़े पैमाने पर पार्किंग और होल्डिंग एरिया का निर्माण, भीड़ प्रबंधन तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करना शामिल है। विभिन्न मुद्दों पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। संत मंडल नगर स्तर पर बैठक कर अपने सुझाव प्रशासन को सौंपेगा।
पंडितों ने रखीं मांगें
बैठक में पंडित निलेश पुरोहित ने मांग की कि विस्थापन की स्थिति में प्रभावितों को नगर परिषद सीमा क्षेत्र में ही प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं। पंडित नवलकिशोर शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी योजनाओं की घोषणाएं हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नहीं दिखा, इसलिए इस बार ठोस कार्रवाई आवश्यक है।
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आश्वासन दिया कि इस बार कार्य समयबद्ध और धरातल पर दिखाई देंगे। उन्होंने घाट और अन्य निर्माण कार्य करने वाली एजेंसियों को मैदानी सर्वे के निर्देश दिए हैं। षट्दर्शन मंडल अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी ने कहा कि विकास कार्य सभी को विश्वास में लेकर किए जाएं।
ये भी पढ़ें- पन्ना में बड़ा सड़क हादसा: नागपुर जा रही बस डंपर से भिड़ी, तीस से अधिक यात्री घायल; कुछ की स्थिति गंभीर
संभावित विस्थापन का विवरण
ममलेश्वर विस्तार योजना से 98 मकान, 179 दुकानें, 2 होटल और 2 धर्मशालाएं प्रभावित होंगी। वहीं ओंकारेश्वर विस्तार योजना से 52 मकान, 67 दुकानें और 5 धर्मशालाएं प्रभावित होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित दुकानदारों को नई दुकानें और मकान मालिकों को फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। भूमि के अंतर की स्थिति में उचित मुआवजा भी दिया जाएगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.