गोपालगंज जिले के सिधवलिया निवासी आर्मी जवान मिंटू कुमार यादव का असम के एक लॉज में अचानक तबियत खराब होने के कारण निधन हो गया। मिंटू, सेना के जवान और मेघालय पुलिस से अवकाश प्राप्त सिपाही रविंद्र कुमार यादव के 34 वर्षीय पुत्र थे। उनकी मौत से पूरा क्षेत्र गम में डूब गया है और स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को मिंटू कुमार यादव अपनी कंपनी के अधिकारियों से छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। वे मणिपुर से मोरियानी जंक्शन पहुंचे, लेकिन ट्रेन में देरी होने के कारण वहीं लोकनाथ लॉज में आराम करने लगे। नींद में ही ट्रेन छूट गई। टिकट न होने के कारण उन्होंने मंगलवार की रात वहीं लॉज में ठहरना तय किया। अचानक मिंटू कुमार यादव को पेट में तेज दर्द हुआ। लॉज के मालिक ने उन्हें मणिपुर के नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा, लेकिन बुधवार की सुबह उनकी पत्नी सविता यादव को फोन आया कि मिंटू की तबियत बहुत खराब है और वे दम तोड़ चुके हैं। इस खबर से उनके 13 वर्षीय पुत्र अंश कुमार और 9 वर्षीय पुत्री अबुनी कुमारी, सहित पत्नी सविता यादव रो-रो कर बेहोश हो गईं। घर पर यह खबर सुनते ही ससुर, सास और अन्य स्वजन भी दुख में डूब गए। पूरा गांव और क्षेत्र भी इस हादसे से गमगीन है।
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ग्रामीणों ने कही ये बात
ग्रामीण बताते हैं कि मिंटू कुमार यादव का स्वभाव शांत और सरल था। उनकी पढ़ाई मेघालय में हुई थी और वह दौड़ने में तेज थे। उनके पिता रविंद्र कुमार यादव भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और रो-रो कर टूट गए। मिंटू कुमार यादव सन 2009 में असम राइफल रेजिमेंट में सैनिक के पद पर चयनित हुए थे। उन्होंने चीन, वर्मा और म्यांमार की सीमाओं पर बहादुरी से सेवा दी। सेना के अधिकारी उनकी मेहनत और बहादुरी की सराहना करते थे। 34 वर्ष की आयु में मिंटू कुमार यादव की अचानक मृत्यु से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनकी माता हीरामती देवी, पत्नी सविता यादव और बच्चे अंश कुमार व अबुनी कुमारी सभी आंसू बहा रहे हैं। बच्चे कह रहे थे, “पापा कल मम्मी से ही बात कर मोबाइल रख दिए थे, हमसे बात नहीं की।”
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