-मान्यता संकट पर स्कूल प्रशासन ने पैरेंट्स से मांगा एक हफ्ते का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की मान्यता रद्द होने के बाद से ही विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर अभिभावक चिंता में हैं। बृहस्पतिवार को पैरेंट्स कमेटी ने स्कूल प्रबंधन के साथ मामले को लेकर बैठक की। इसमें करीब 60 अभिभावक शामिल हुए। उन्होंने पूछा कि यहां पढ़ रहे बच्चों का क्या होगा। समस्या के समाधान के लिए स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों सात दिन का समय मांगा। स्कूल की छह सदस्यीय टीम ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि बच्चों के हित में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मान्यता रद्द होने की खबर फैलने के बाद से ही अभिभावकों का स्कूल में आना-जाना जारी है। एक अभिभावक नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और ऐसा समाधान निकालने पर जोर दिया, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य का सवाल है, ये समय लड़ने-झगड़ने का नहीं शांति से सोचने का है कि कैसे सही और छात्रों के हित में समाधान निकाला जाए।
स्कूल में वर्तमान में करीब 1100 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। 9वीं से 12वीं तक प्रत्येक कक्षा में तीन-तीन सेक्शन हैं, जिनमें हर में 35 से 40 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें से 10वीं और 12वीं के छात्र बोर्ड परीक्षाएं दे रहे हैं, जबकि 9वीं और 11वीं के छात्रों को लेकर सबसे अधिक असमंजस की स्थिति है। बैठक के दौरान कई सवाल उठाए गए, जिन पर प्रबंधन ने कहा कि वे सीबीएसई बोर्ड के अधिकारियों से मिलकर मान्यता बहाल कराने का प्रयास करेंगे।
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अभिभावक बोले- दूसरे स्कूल महंगे, इसलिए पढ़ाना संभव नहीं
अभिभावकों का कहना है कि एनसीआर के अन्य निजी स्कूलों में दाखिला कराना आर्थिक रूप से संभव नहीं। अधिक फीस, लंबी दूरी, नया वातावरण और यात्रा की समस्या बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि कम फीस के कारण ही उन्होंने इस स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला कराया था। जबकि आसपास के स्कूलों की फीस काफी अधिक है। पहले स्कूल में अभिभावकों की एंट्री सीमित थी, लेकिन अब उनकी बात सुनी जा रही है। वहीं कई अभिभावकों को डर है कि कुछ कहा उनके बच्चों को फेल न कर दिया जाए।
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होली के बाद जिलाधिकारी से मिलेंगे अभिभावक
इस मामले को लेकर अभिभावक होली के बाद जिलाधिकारी से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। अभिभावक प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग रखेंगे। बता दें कि जनवरी 2026 में हुई 12वीं की दो छात्राओं की आत्महत्या के बाद भी यह स्कूल चर्चा में रहा था।
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