Dechi phool farming : बस्तर में अनिल कुमार नेताम डेची और कलकत्ता गेंदा की खेती कर रहे हैं, जिससे कम खर्च में ज्यादा मुनाफा और बाजार में अच्छी मांग मिल रही है. अन्य किसान भी इसे फॉलो कर रहे हैं.
डेची फूल की खेती में बीमारियों का प्रकोप भी कम होता है. वहीं यह फसल कम खर्च में ज्यादा मुनाफा देने वाली है. अगर आप एक एकड़ में इस फूल की खेती करेंगे तो डेढ़ लाख से ढाई लाख रुपये तक कमा सकते हैं. इस फसल में ज्यादा देखरेख की जरूरत भी नहीं होती है. यह ठंड के समय की फसल है. यह फूल काफी खूबसूरत लगते हैं.
पौधे से पौधे की दूरी दो फीट होनी चाहिए
अनिल कुमार नेताम बताते हैं कि डेची के फूल लगाने के लिए एक बार जोताई कर लेनी चाहिए इसके बाद रोटावेटर से मिट्टी को भुरभुरी कर लेना चाहिए. इसके बाद गोबर खाद के साथ क्यारी बनानी चाहिए. इसमें पौधे लगाए जाते हैं. इसका पौधा मैं कलकत्ता से मंगाता हूं. एक पौधा 2 रुपये का पड़ता है. 30 हजार पौधे लगाए हैं. इसे पांच डिसमिल में लगाया है.पौधे से पौधे की दूरी दो फीट होनी चाहिए. यह फसल चार से पांच महीने की होती है. दो महीने में फूल आना शुरू हो जाता है. बेड और क्यारी दोनों में अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है.
पत्ते सूखने और जलन वाली बीमारी लगने की संभावना
इसके अलावा रासायनिक खाद के रूप में डीएपी डाली है. इस फूल में बीमारी का प्रकोप बहुत कम दिखाई देता है. अगर कभी बीमारी लग भी जाए तो फफूंदनाशक का उपयोग किया जा सकता है. इसके अलावा पत्ते सूखने और जलन वाली बीमारी लगने की संभावना रहती है, लेकिन डेची फूल में बीमारी कम ही लगती है.यह फसल दो से ढाई महीने में तैयार हो जाती है और ढाई महीने में पूरा खेत फूलों से भर जाता है.
डेची फूल में ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती है.न ही कीटनाशक छिड़कने की जरूरत पड़ती है. यह ठंड की फसल होती है. इसका फूल गर्मी में टिकाऊ नहीं रहता है.अगर ज्यादा से ज्यादा किसान डेची फूल की खेती करना चाहते हैं तो वे मार्च तक इसकी खेती कर सकते हैं.
मार्केट में डेची फूल का रेट 60 से 100 रुपये प्रति किलो चलता है.अभी एक किलो डेची फूल का रेट 100 रुपये है. पांच डिसमिल में लगभग दो हजार रुपये खर्च आया है.इससे मैं खर्च निकालकर 15 से 20 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा लूंगा.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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