Pachpadra Refinery CISF Security Deployment Balotra: बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी की सुरक्षा अब CISF के हवाले कर दी गई है. 195 जवानों की एक विशेष टुकड़ी 30 किलोमीटर के दायरे में फैले इस प्रोजेक्ट की सुरक्षा करेगी. सामरिक महत्व और देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा को ‘हाई ग्रेड’ किया गया है. रिफाइनरी अब 24 घंटे CISF की कड़ी निगरानी में रहेगी.
पचपदरा रिफाइनरी की सुरक्षा को अब और भी पुख्ता कर दिया गया है. सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली इस परियोजना की सुरक्षा का जिम्मा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने संभाल लिया है. सीआईएसएफ के 195 जवानों ने मौके पर तैनात होकर सुरक्षा की कमान अपने हाथों में ले ली है. इस तैनाती के बाद से न केवल रिफाइनरी परिसर बल्कि इसके आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा और सख्ती दोनों काफी बढ़ गई है.

पचपदरा स्थित अत्याधुनिक रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था की औपचारिक जिम्मेदारी अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई है. सुरक्षा के प्रथम चरण के तहत जवानों की तैनाती की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इस अवसर पर एचआरआरएल (HRRL) और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. सीआईएसएफ की इस मुस्तैद तैनाती से उम्मीद जताई जा रही है कि रिफाइनरी परिसर में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही स्क्रैप चोरी की घटनाओं पर अब पूरी तरह अंकुश लग सकेगा.

लगभग 30 किलोमीटर की परिधि में फैली इस विशाल रिफाइनरी की सुरक्षा के लिए पांचों प्रवेश द्वारों के साथ-साथ पूरे परिसर में सीआईएसएफ के जवान तैनात रहेंगे. एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) में सीआईएसएफ की इस तैनाती को लेकर एक विशेष प्रेरणा समारोह का आयोजन किया गया. इस गरिमामय कार्यक्रम के दौरान एचआरआरएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर आर. विखार, सीआईएसएफ उत्तर क्षेत्र के महानिरीक्षक आईपीएस नवज्योति गोगोई, परियोजना के कार्यकारी निदेशक जी.यू. नरसिंहुलु और मुख्य वित्त अधिकारी इंद्रजीतदास गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा प्रभारी मौजूद रहे.
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पचपदरा में करीब 80 हजार करोड़ रुपए की भारी लागत से बन रही बीएस-6 मानक की अत्याधुनिक रिफाइनरी का कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. नए साल में इस महत्वपूर्ण यूनिट के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं. इसे लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्व में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उद्घाटन के लिए समय मांगा था. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का संभवतः जनवरी माह में ही यहां दौरा हो सकता है, जिसके बाद देश को यह बड़ी सौगात मिल जाएगी.

9 मिलियन मैट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाली यह रिफाइनरी न केवल ईंधन बल्कि विभिन्न पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी उत्पादन करेगी. इस परियोजना की खास बात यह है कि यहाँ राजस्थान के स्थानीय क्रूड ऑयल के साथ-साथ अरब देशों से आने वाले कच्चे तेल को भी रिफाइन किया जाएगा. इस क्षेत्र के पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित होने से बायो-प्रोडक्ट्स पर आधारित कई नए कारखाने खुलेंगे, जिससे स्थानीय और प्रदेश स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे.

पचपदरा रिफाइनरी को भविष्य के एक विशाल तेल हब के रूप में देखा जा रहा है. इसकी महत्ता को देखते हुए किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक से बचने के लिए सभी प्रवेश मार्गों, संवेदनशील बिंदुओं और निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सीआईएसएफ के जवान अब चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी और गश्त करेंगे. रिफाइनरी में सीआईएसएफ की इस तैनाती को परियोजना की सुरक्षा के लिहाज से एक मील का पत्थर माना जा रहा है. इससे न केवल निर्माण कार्यों को एक सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि इस क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर भी निवेशकों का भरोसा काफी मजबूत होगा.
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