बारां में एक बछड़े की मौत के विरोध में सोमवार को शहर बंद रहा। वासुदेव गौ सेवा समिति के आह्वान पर गौसेवक और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। शहर के प्रमुख बाजार बंद कराए गए, जबकि पूर्व घोषणा के अनुसार मेडिकल स्टोर व आवश्यक सेवाएं खुली रहीं।
मामला बरडिया क्षेत्र का है, जहां शुक्रवार को बालाजी के पास एक बछड़े का शव मिला था। आरोप है कि बछड़े को मारकर सड़क किनारे फेंका गया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात आर्य वाटिका में आयोजित बैठक में समिति और अन्य संगठनों ने सोमवार को बारां बंद का निर्णय लिया।
आज सुबह करीब 7 बजे प्रदर्शनकारी प्रताप चौक पर एकत्रित हुए और वहां से जुलूस निकाला गया। जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ विधायक राधेश्याम बैरवा के निवास तक पहुंचा, जहां धरना देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। विधायक ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उचित जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
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इसी दौरान प्रताप चौक पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार कुछ उपद्रवियों द्वारा पथराव किए जाने के बाद हालात बिगड़े और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई।
मौके पर एडीएम भंवरलाल जनागल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी, डीएसपी हरिराम सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और मामले की जांच जारी है।
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