आग की लपटें देख मचा हड़कंप
जैसे ही आसपास के लोगों ने दुकान से उठता धुआं और आग की लपटें देखीं, तुरंत दुकानदार को सूचना दी गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सिवाना नगर पालिका को सूचना दी गई, जिसके बाद पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा। नगर पालिका कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि प्रयास नाकाफी साबित हुए।
फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची, तब तक सब कुछ खाक
आग की सूचना बालोतरा नगर परिषद और फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन बालोतरा से फायर ब्रिगेड को सिवाना पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया। तब तक दुकान में रखा रेडीमेड कपड़ों का पूरा स्टॉक, फर्नीचर और नकद राशि आग की भेंट चढ़ चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान के अंदर रखा सामान अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से फैली। आग बुझने के बाद दुकान का अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह जल चुका था।
पुलिस मौके पर, जांच शुरू
आग की सूचना मिलने पर सिवाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए भीड़ को नियंत्रित किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
व्यापारियों में नाराजगी, फायर ब्रिगेड व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि सिवाना जैसे कस्बे में अब तक स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होना बेहद चिंताजनक है। यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। प्रारंभिक आकलन के अनुसार आगजनी की इस घटना में दुकानदार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दुकान मालिक ललित ओझा ने बताया कि दुकान में नया माल और नकदी रखी हुई थी, जो पूरी तरह जल गई।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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