जैसलमेर से सटी भारत–पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर सतर्कता दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने शनिवार को तनोट–किशनगढ़ इलाके के कुरिया बेरी गांव में छापेमारी कर एक संदिग्ध मौलवी को हिरासत में लिया है। पकड़े गए व्यक्ति का नाम अली खान बताया गया है, जो बीकानेर जिले की छत्तरगढ़ तहसील का रहने वाला है।
सूत्रों के मुताबिक, ATS को अली खान की गतिविधियों को लेकर काफी समय से खुफिया जानकारी मिल रही थी। आशंका है कि उसके संबंध आतंकवादी नेटवर्क या सीमा पार सक्रिय संदिग्ध लोगों से हो सकते हैं। इसी इनपुट के आधार पर जयपुर से आई ATS की विशेष टीम ने शनिवार देर शाम पूरी योजना के तहत कुरिया बेरी गांव को घेरकर कार्रवाई की और बिना किसी हंगामे के उसे हिरासत में ले लिया।
कई दिनों से निगरानी में था संदिग्ध
जानकारी के अनुसार, अली खान पर ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई दिनों से नजर बनाए हुए थीं। उसकी आवाजाही, संपर्क और गतिविधियों पर गुप्त रूप से निगरानी की जा रही थी। जांच एजेंसियों को शक है कि वह सीमावर्ती इलाके में किसी खास मकसद से सक्रिय था, हालांकि फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कार्रवाई के तुरंत बाद ATS की टीम संदिग्ध को अपने साथ जयपुर ले गई। वहां उससे लंबी और गहन पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन, संपर्कों, डिजिटल डेटा और सीमा क्षेत्र में मौजूद रहने के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी।
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सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज, तनोट माता मंदिर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत–पाक सीमा से सटा यह क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है। यहां घुसपैठ, जासूसी और स्लीपर सेल की आशंका को लेकर समय-समय पर अलर्ट जारी होते रहे हैं। ATS इस बात की जांच कर रही है कि कहीं अली खान किसी बड़े आतंकी नेटवर्क या तथाकथित स्लीपर सेल का हिस्सा तो नहीं है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसका सीमा पार किसी जासूसी नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं और वह इस इलाके में किस उद्देश्य से आया था।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर ATS या अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन जिस तरह संदिग्ध को सीधे जयपुर ले जाकर पूछताछ की जा रही है, उससे मामले की गंभीरता साफ झलकती है। सुरक्षा एजेंसियां इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
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