उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी ने किसानों को जलवायु के अनुसार फसल और प्रभेद का चुनाव करने की सलाह दी ताकि जलवायुगत विषमता से निपटा जा सके. उन्होंने मूंगफली, राजमा, मखाना, स्ट्रॉबेरी जैसी बाजार उन्मुखी फसलों का क्षेत्र विस्तार कर किसानों की आमदनी बढ़ाने पर बल दिया. जल संसाधन की कमी न होते हुए भी जल की उपयोगिता बढ़ाने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर यंत्रों के प्रयोग की सलाह दी. Agristack योजना के तहत किसानों को डिजिटल पहचान दिलाने के लिए कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार व अन्य कृषि पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना की गई.
संयुक्त निदेशक, शश्य, पूर्णिया प्रमंडल ने फार्मर रजिस्ट्री में जिलाधिकारी के नेतृत्व की प्रशंसा की और जिले में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया. जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा ने बताया कि मेले में कुल 32 स्टाल लगाए गए है. जिनमें कृषि एवं सम्बद्ध विभाग, जीविका, जिले के FPO, आत्मा द्वारा संचालित खाद्य सुरक्षा समूह और फूलों के पौधों के स्टाल शामिल है. साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया. जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने रक्तदान किया.
जिलाधिकारी ने प्राकृतिक खेती से जुड़े कृषि सखी को प्रोत्साहन राशि के चेक किसान क्रेडिट कार्ड के दो लाभार्थियों को ऋण, समग्र गव्य विकास योजना के तहत 4 लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक और मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण हेतु 1 किसान को अनुदान राशि का चेक प्रदान किया. मेले में कृषि प्रदर्शनी में उत्कृष्ट उत्पाद लाने वाले किसानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा. मंच संचालन उप परियोजना निदेशक आत्मा ने किया.
इस अवसर पर किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला उद्यान पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशु पालन पदाधिकारी, महा प्रबंधक उद्योग केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, राज्य स्तर के उप निदेशक (उद्यान), बामेती पटना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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