अररिया जिले के फरियानी नदी में स्नान कर दोस्ती निभाने की परंपरा है. इस मेले रानीगंज के अलावे दूर दराज से आये लोगों ने लकड़ी से बने सामानों की जमकर खरीदारी करते हैं. लकड़ी के बने सामान में पलंग, चौकी, कुर्सी, अलना, टेबल, बेंच, पीढ़िया की बिक्री खूब होती है
सार्वजनिक रूप से नदी के जल से स्नान एवं पूजा करती थी. रानी के साथ पूजा स्नान करने के लिये पूरे इलाके की प्रजा उमड़ पड़ती थी. उस समय से ही लोग नदी में स्नान कर दोस्ती की कसमें खाया करते थे जो मरते दम तक निभाया जाता था.फरियानी नदी के किनारे लगने वाले मेले में पहले सौ से डेढ़ सौ एकड़ जमीन में दुकानदार अपनी दुकान लगाते थे. लेकिन वर्तमान समय में कुछ एकड़ की खाली जमीन ही बची है. अब नदी किनारे की जमीन पर खेती भी होने लगी है, जिससे दिनों दिन मेले की जमीन कमती जा रही है.
इस मेले में दूसरे जिलों के काफी बढ़ई आते
रानीगंज के इस मेले रानीगंज के अलावे दूर दराज से आये लोगों ने लकड़ी से बने सामानों की जमकर खरीदारी करते हैं. लकड़ी के बने सामान में पलंग, चौकी, कुर्सी, अलना, टेबल, बेंच, पीढ़िया की बिक्री खूब होती है. रानीगंज के फ़रियानी नदी किनारे लगने वाले इस मेले का इंतजार लोग साल भर से करते हैं. इस मेले में लकड़ी के समान काफी सस्ते दामों में लोगों को मिल जाते हैं. इस मेले में लकड़ी के सामानों का दुकान लगाने भी दूसरे जिलों के काफी बढ़ई आते हैं. ऐतिहासिक मेले में दान दहेज व उपहार में लकड़ी के सामान को देने की प्रथा शुरु से ही रही है.
करोड़ रुपए की लड़की की समान की होती है खरीदारी
उच्च वर्ग के लोग बड़े बड़े दुकानों में फर्नीचर आदि खरीद लेते हैं. लेकिन मध्यम व गरीब लोगों के लिए यह मेला किसी उत्सव से कम नहीं होता है. इस मेले में मध्यम व गरीब परिवार के लोग अपनी बहू बेटियों को शादी के बाद गौना में उपहार के लिएमेले से पलंग, अलमीरा, कुर्सी, टेबल सहित अन्य सामान के साथ साथ सिल्ला, लोढ़ी, उखड़ी, समाठ आदि की खरीद करते हैं. शादी ब्याह के मौके पर दिये जाने वाले उपहार की पूरी सेट इस मेले में 15 से 20 हजार रुपये तक में मिल जाते हैं. इस मेले में सैकड़ों लोग शादी की पूरी सेट की खरीदारी करते हुए नजर आते हैं
सस्ते दाम में मिल जाता है लकड़ी के प्रोडक्ट्
दरभंगा जिले के रहने वाले संजय कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यहां लगभग 10 सालों से इस मैले में दुकान चलाते हैं. यहां महज 10-12 हज़ार रुपए में शादी के सेठ की पुरा समान मिल जाता है. यहां कम दामों में टेबुल पलंग चौकी कुर्सी आदि सामान मिल जाता है. यहां इस मैले में लगभग कई करोड़ रुपए की लड़की के समान की बिक्री होती हैय.यहां नेपाल और लगभग अररिया जिले के आसपास के इलाकों के जिलों के लोग मैले में पहुंचते हैं और समान की खरीदारी करते हैं. लाखों रुपए की हम खुद कमाई करते हैं
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