अमृतसर में चाइनीज डोर पर पूर्ण प्रतिबंध
अमृतसर में बढ़ती दुर्घटनाओं और पक्षियों की मौत को देखते हुए जिला प्रशासन ने चाइनीज डोर के इस्तेमाल और भंडारण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध नायलॉन, प्लास्टिक या किसी भी तरह की सिंथेटिक सामग्री से बनी पतंग उड़ाने वाली डोर पर लागू होगा,
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रोहित गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिला अमृतसर में किसी भी तरह की गैर-बायोग्रेडेबल, कांच, धातु या अन्य नुकीली सामग्री से बनी पतंग की डोर का निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद, सप्लाई और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
केवल सूती धागे से ही पतंग उड़ाने की अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पतंग उड़ाने की अनुमति केवल साधारण सूती धागे से ही होगी। यह धागा किसी भी प्रकार के कांच, धातु, चिपकने वाले पदार्थ या डोर को मजबूत करने वाली सामग्री से मुक्त होना चाहिए।
बच्चों और युवाओं को किया जाएगा जागरूक
रोहित गुप्ता ने बताया कि उप मंडल मजिस्ट्रेट और जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंटरी व सेकेंडरी) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएं। खास तौर पर बच्चों और युवाओं को चाइनीज डोर के खतरों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
हर साल जानलेवा साबित हो रही सिंथेटिक डोर
प्रशासन का कहना है कि सिंथेटिक डोर से हर साल कई लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं, वहीं बड़ी संख्या में पक्षियों की गर्दन कटने से मौत हो जाती है। यह डोर सड़क हादसों का कारण भी बनती है, जिससे आम लोगों की जान को खतरा रहता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकतरफा रूप से लागू किया गया है, जो 9 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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