Bhiwani Khushkhera Factory Blast Case : भिवाड़ी खुशखेड़ा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में सात मौतें, हेमंत सचदेवा हिरासत में, डीएनए सैंपल फेल, ट्रेड यूनियन ने न्यायिक जांच और 50 लाख मुआवजे की मांग की. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हेमंत सचदेवा पुलिस की आड़ में अवैध पटाखा निर्माण का धंधा चला रहा था.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हेमंत सचदेवा पुलिस की आड़ में अवैध पटाखा निर्माण का धंधा चला रहा था. मामले में डीएसटी के हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा और प्रभारी मुकेश कुमार वर्मा की संलिप्तता की जांच के लिए विजिलेंस टीम भिवाड़ी पहुंची है.
भीषण अग्निकांड में सात लोगों की मौत के बाद शवों की पहचान करने में प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सभी शवों को टपूकड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था. मेडिकल टीम ने मृतकों के डीएनए सैंपल लेकर जयपुर भेजे थे, लेकिन सैंपल फेल हो गए. अब टपूकड़ा सीएचसी में मेडिकल टीम द्वारा दोबारा डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं.
पहचान में हो रही देरी से परिजनों का दर्द बढ़ गया है. उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा. मोर्चरी में डीफ्रिज सुविधा नहीं होने के कारण शव पूरी तरह खराब हो चुके हैं. बदबू के कारण सैंपल लेने में भी परेशानी आ रही है.
मुआवजे और न्यायिक जांच की मांग
शुक्रवार को अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय गेट पर प्रदर्शन किया. संगठन के पदाधिकारियों ने पटाखा फैक्ट्री में हुई आगजनी की न्यायिक जांच की मांग की. उनका कहना है कि सात लोगों की मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध पटाखा फैक्ट्री पुलिस की आड़ में संचालित हो रही थी. मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई.
About the Author

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.