संगीत की लय, ढोल की थाप और ठहाकों के बीच जब बरसों पुरानी दोस्ती फिर मुस्कुराई, तो श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) का कैंपस यादों के रंग में रंग गया। शताब्दी वर्ष के जश्न में आयोजित एलुमनी रियूनियन-2026 बीते दिनों की उस दुनिया में लौटने का मौका था, जहां सपने पनपे थे और रिश्ते गढ़े गए थे। दूर-दराज से आए पूर्व छात्रों ने जब अपने कॉलेज को रोशनी से जगमग और जश्न में डूबा देखा, तो कैमरों में कैद हुईं यादें और दिलों में उमड़ आईं खुशियां। हजारों की तादाद में जुटे छात्र-एलुमनी इस शाम को अपने जीवन की यादगार शामों में शुमार करते दिखे।
शताब्दी समारोह में कोई परिवार के साथ शामिल होने के लिए आया तो कोई अपने दोस्तों संग पहुंचा। कॉलेज परिसर में सांस्कृतिक से लेकर संगीत से भरे कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। समारोह में शामिल होने वाले एलुमनी कॉलेज परिसर की यादों को कैमरे में कैद करते दिखे। परिसर में गाजे- बाजे के साथ मशाल जुलूस निकाला गया। साथ में बग्गी पर सवार होकर एलुमनी जश्न मनाते दिखे। ढोल की थाप पर उम्र की सीमाओं को तोड़कर एलुमनी जमकर नाचे।
परिसर में छात्र एक-दूसरे के साथ ठहाके लगाते और पुराने अनुभवों को साझा करते दिखे। कोई कैंटीन के किस्सों को बयां कर रहा था तो कोई लाइब्रेरी में बिताएं पलों को साझा कर रहा था। समारोह को लेकर दिव्यांग छात्र भी उत्साहित थे। इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए उद्योगपति, सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश, राजनेता सहित कई दूसरे लोग पहुंचे। इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश अर्जुन सीकरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल भी समारोह में शामिल हुए।
समारोह में एसआरसीसी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर गिरीश आहूजा ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों आप जश्न का आनंद लें। यह आयोजन एसआरसीसी की विरासत की निरंतता को दर्शाता है। एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन अजय एस श्रीराम ने कहा कि अपनी जिंदगी में पहले कभी एसआरसीसी में इतना जोशीले एलुमनाई का जमावड़ा नहीं देखा। आते समय बिल्कुल बारात जैसा लग रहा था। 100 वर्ष कोई मजाक नहीं है। इसे 100 साल तक कैसे आगे ले जाना है यह हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें एक ग्लोबल ओरिएंटेशन और साझेदारी चाहिए। हमें ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थान और संगठनों के साथ साझेदारी करने की जरूरत है। हम जीबीओ को अपग्रेड करके उसे पूरी तरह से एमबीए बनाना चाहते है। इस पर हमें काम करना है।
कॉलेज एलुमनी रजत शर्मा ने कहा कि आज वाली रौनक उन्होंने कभी 50 साल में नहीं देखी है। आज बता दिया है कि 100 साल कैसे मनाते है। किसी भी मुल्क में चले जाइए आपको एसआरसीसी के छात्र मिल जाएंगे। समारोह में एसआरसीसी प्रिंसिपल प्रोफेसर सिमरित कौर ने कहा कि आज जिस जगह पर खड़ी हूं। मुझे वहां बहुत से जुगनू दिख रहे हैं।
26 अप्रैल को होगा स्थापना दिवस
बता दें कि कॉलेज में शताब्दी समारोह को लेकर जनवरी महीने से कार्यक्रमों का आगाज शुरू हुआ है। हर महीने समारोह के तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। 27 अप्रैल को स्थापना दिवस मनाया जाएगा।
क्या बोले एलुमनी
यह सौ साल का विश्वास है। देश को यहां से कई नौजवान मिले है। समारोह में शामिल होने के लिए जमशेदपुर से आया हूं। यहां के एलुमनी होने को लेकर गर्व है। यहां से निकलने वाला हर छात्र अपने को गौरवान्वित महसूस करता है।
-प्रकाश खेमानी, 1993 बैच, बीकॉम ऑनर्स
कॉलेज की यादों को कभी भूला नहीं जा सकता है। रात के आठ बजे तक अपने समय में कॉलेज में पढ़ते और घूमा करते थे। उस जमाने का माहौल अलग था आज कॉलेज की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है।
-एन.के ओबरॉय, 1974 बैच, बीकॉम ऑनर्स
कॉलेज के शताब्दी समारोह की खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। 1976 में गोल्डन जुबली मनाई गई थी उस समय में राष्ट्रपति कार्यक्रम में शामिल हुए थे और आज शताब्दी समारोह की खुशी में यह कार्यक्रम हो रहा है।
-देवेंद्र पाल सिंह, 1974 बैच, बीकॉम ऑनर्स
मुझ को अपने कॉलेज से बहुत प्यार है। यहां पर जिंदगी के बेहतरीन पल बताएं। आज समारोह में आकर पुरानी यादें ताजा हो गई। कैंटीन के समोसे से लेकर कैंपस में पंडित जी की चाय को कैसे भूला जा सकता है। कॉलेज की वजह से आज बिजनेस वूमेन हूं।
-संगीता गुप्ता, 1983 बैच, बीकॉम ऑनर्स
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