पोकरण क्षेत्र में कथित गौहत्या की घटना ने पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। केलावा गांव के समीप एक पशु के साथ की गई कथित क्रूरता की खबर सामने आने के बाद सर्व समाज में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना को लेकर लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इसका असर अब सड़कों से लेकर बाजार और प्रशासनिक व्यवस्था तक साफ नजर आने लगा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और पोकरण शहर को लगभग पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है, वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
शनिवार को बाजार बंद
कथित गौहत्या की घटना के विरोध में शनिवार को पोकरण का बाजार पूरी तरह बंद रहेगा। बंद को लेकर व्यापार मंडल का पूर्ण समर्थन रहेगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश व्यास ने व्यापारियों और आमजन से अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक पशु से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि समाज की धार्मिक और भावनात्मक आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करेगा और सभी व्यापारियों से संयम बनाए रखते हुए सहयोग की अपील की गई है।
पुलिस का कड़ा पहरा
घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे की स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया, जिसके माध्यम से आमजन को शांति, सौहार्द्र और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया गया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संवाद कर संयम बरतने की अपील की। स्थिति पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार, वृताधिकारी भवानी सिंह और थानाधिकारी भारत रावत स्वयं नजर बनाए हुए हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं।
घटना के विरोध में कल शनिवार को दोपहर साढ़े 12 बजे पंचायत समिति पोकरण के सामने विशाल हिंदू आंदोलन आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है। आंदोलन को लेकर सर्व समाज और विभिन्न संगठनों में गहरा रोष देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
ये है मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात पोकरण क्षेत्र के केलावा गांव के पास अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एक पशु के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया। गुरुवार सुबह सूचना मिली कि पोकरण-केलावा मार्ग पर एक फैक्ट्री के पीछे पशु के अवशेष और खून के निशान पड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पशु को पहले काफी दूरी तक बेरहमी से घसीटा गया और बाद में उसकी हत्या की गई। मौके पर पशु के कुछ अवशेष नहीं मिलने से आशंका और गहराती जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश और संदेह दोनों बढ़ गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों में गुस्सा और आक्रोश साफ तौर पर नजर आया। हालांकि पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति को फिलहाल नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल अभी भी बना हुआ है।
प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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