रसोई में गैस जलाते समय हल्की सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। देशभर में हर साल गैस लीकेज, सिलिंडर ब्लास्ट और आगजनी की घटनाएं कई परिवारों को प्रभावित करती हैं।
ऐसे में आम लोगों को समय रहते चेतावनी देकर हादसे से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली तकनीक सामने आई है। सीएसआईओ के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्मार्ट एलपीजी मीटर बनाया है जिसका उद्देश्य केवल गैस मापना नहीं बल्कि हर घर को सुरक्षित बनाना और लोगों को जागरूक करना है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित स्मार्ट मीटर संभावित खतरे को पहचान कर समय रहते अलर्ट देने में सक्षम है। इससे जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। जैसे ही घर में गैस लीकेज या आग की आशंका होती है मीटर में लगे गैस लीकेज सेंसर, फ्लेम और स्मोक डिटेक्टर तुरंत सक्रिय हो जाते हैं।
सिस्टम तेज इमरजेंसी अलार्म बजाकर घर के लोगों को सतर्क करता है। साथ ही आग के जोखिम को कम करने के लिए बिजली की सप्लाई खुद बंद हो जाती है ताकि किसी भी तरह की चिंगारी से बड़ा हादसा न हो। सुरक्षा की इस श्रृंखला को और मजबूत बनाते हुए स्मार्ट एलपीजी मीटर में एसएमएस के जरिये नजदीकी फायर स्टेशन को सूचना भेजने की सुविधा भी दी गई है। इससे आपातस्थिति में तत्काल रिस्पांस संभव हो पाता है और समय रहते बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।
सुरक्षा के साथ सहूलियत भी
-सिलिंडर में गैस 20 प्रतिशत स्तर पर पहुंचते ही उपभोक्ता को मिल जाता है अलर्ट
-रेगुलेटर से छेड़छाड़ या असावधानी से होने वाले जोखिमों को किया जा सकता है कम।
– आवश्यकता पड़ने पर सिस्टम ऑटोमैटिक सिलेंडर भी कर देता है बुक।
-उपभोक्ता मोबाइल फोन या डिस्प्ले स्क्रीन पर गैस की स्थिति और उपयोग की देख सकते हैं जानकारी।
इनकी भूमिका रही सराहनीय
एलपीजी मीटर डॉ. जीएस अय्यप्पन सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट सीएसआईओ चेन्नई सेंटर (सीएसआओ चंडीगढ़ के अंतर्गत) द्वारा विकसित किया गया है। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की इस प्रक्रिया में डायरेक्टर डॉ. शांतनु भट्टाचार्य के साथ ही डॉ. सी सेतुरमन (सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट और नोडल बीडीजी चेन्नई सेंटर) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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