प्रदेश के कृषि प्रधान जिले बेमेतरा में धान खरीदी जारी है। इस बीच यहां के धान उपार्जन केंद्र ग्राम गाड़ाडीह में मिलावट का मामला सामने आया है। दरअसल, जिला प्रशासन की टीम द्वारा उपार्जन केंद्र में रखे गए 5 स्टैक मोटा धान की जांच की गई, जिसमें पुराना धान व अमानक श्रेणी का नया धान मिश्रित रूप में पाया गया। गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर टीम ने कुल 10 हजार बोरे धान को अस्थायी रूप से जब्त कर उनके परिवहन पर रोक लगा दी है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा, पारदर्शी उपार्जन प्रक्रिया सुनिश्चित करने व शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन हेतु की गई है। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि धान की गुणवत्ता मानक से कम है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होने के पश्चात संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियम अनुसार कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। साथ ही अन्य उपार्जन केंद्रों में भी निरीक्षण रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में बड़े पैमाने पर पुराना धान खपाने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही नए धान की गुणवत्ता खराब पाई गई। जांच टीम द्वारा लिए गए नमूनों में अधिक नमी, टूटन, कचड़ा, मिट्टी व अन्य अपशिष्ट पदार्थ मिले हैं, जो शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन है। यह गंभीर अनियमितता जानबूझकर की गई प्रतीत हो रही है,जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के साथ-साथ किसानों की मेहनत और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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