भीलवाड़ा एसपी धमेंद्र सिंह की अगुवाई में डीएसटी की इस सघन और साहसिक कार्रवाई में पांच जेसीबी, 3 डंपर और 13 ट्रैक्टर जब्त किए गए। यह अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। अवैध खनन में प्रयुक्त सभी वाहनों को जहाजपुर और पंडेर थानों में खड़ा कराया गया है। पुलिस के अनुसार, जहाजपुर थाना क्षेत्र में 3 जेसीबी, 3 डम्पर और 10 ट्रैक्टर जब्त कर थाने में खड़े करवाए गए। वहीं पंडेर थाना क्षेत्र से 2 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर को जब्त किया गया।
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कार्रवाई की सूचना मिलते ही अवैध खनन से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई चालक और मजदूर मौके से फरार हो गए, जबकि बनास नदी के घाटों पर चल रहा खनन कार्य अचानक ठप हो गया। आसपास के ग्रामीणों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का विषय बन गया। इस मामले को पुलिस के आला अधिकारी भी जहाजपुर पहुंच गये है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बनास नदी में अवैध खनन को कौन लोग संरक्षण दे रहे हैं और इसके पीछे किस स्तर तक नेटवर्क फैला हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कारोबार संगठित गिरोह द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो लंबे समय से अवैध रूप से बजरी निकालकर विभिन्न स्थानों पर सप्लाई कर रहा था। भीलवाड़ा एसपी धमेंद्र सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बनास नदी में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण पर भी सीधा प्रहार है।
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