अस्पताल से महिला, उसके पति और एक बच्चे को आज (रविवार को) अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अबोहर के मलूकपुरा नहर में गिरा 3 महीने का बच्चा तीसरे दिन भी नहीं मिला है। बच्चे की मां ने अपने पहले के बयान से पलटते हुए अपने पति को निर्दोष बताया है और कहा कि पैर फिसलने ने गिरे थे। महिला ने पहले पति पर धक्का देने का आरोप लगाया था। महिला, उसके पति
पुलिस और गोताखोर लगातार नवजात शिशु की तलाश कर रहे हैं। नहर में जाल भी लगाया गया है। हालांकि, ठंड के कारण गोताखोरों को पानी में अधिक समय तक रहने में परेशानी हो रही है, और अभी तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है।
नहर पर मौजूद पुलिस।
अपने बयान से पलटी महिला
थाना नंबर 2 के एएसआई गुरचरण सिंह ने बताया कि रुकनुपरा खुईखेड़ा निवासी वीणा ने अपने नए बयान में पति बलविंदर सिंह द्वारा धक्का देने की बात को गलत बताया है। वीणा के अनुसार, वह घरेलू पूजा-पाठ का सामान नहर में विसर्जित करने आई थी और पैर फिसलने से परिवार सहित नहर में गिर गई थी। इस बयान के बाद पति पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गौरतलब है कि घटना के तुरंत बाद वीणा ने वीडियो कैमरे के सामने बयान दिया था कि उसके पति ने ही उसे और उसके बच्चों को नहर में धक्का दिया था। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया था कि पति ने तीनों को नहर में धक्का देकर खुद छलांग लगाई थी।
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