घटना के बाद राहगीरों की मदद से घायल जयराम सेन को तत्काल टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं, हालांकि फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ित जयराम सेन ने बताया कि हमलावर पूरी तरह नकाब में थे और उनकी संख्या चार थी। हमला इतना अचानक था कि वे बचाव भी नहीं कर सके। लूटी गई सरकारी फाइलों को लेकर पंचायत स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इनमें महत्वपूर्ण दस्तावेज होने की संभावना है।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मोहनगढ़ थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। लगातार हो रही हत्या और लूट की घटनाओं से जिले के आम नागरिकों में भय का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एक सरकारी कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। अब देखना यह होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर जिले में कानून व्यवस्था पर विश्वास बहाल कर पाती है।
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