इस रैली की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स भी शामिल हुए। उन्होंने मौके से लाइव वीडियो, रील्स और पोस्ट साझा कर इस आंदोलन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक पहचान दिलाई, जिससे यह मुद्दा जिले के बाहर भी चर्चा का विषय बन गया है।
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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शाहाबाद के जंगल जैव विविधता से भरपूर हैं। प्रस्तावित हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट से लाखों पेड़ों की कटाई की आशंका है, स्थानीय वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो सकते हैं और क्षेत्र के जल स्तर और जलवायु पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
रैली के समापन पर युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विकास के नाम पर प्रकृति से खिलवाड़ बंद किया जाए और हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के वैकल्पिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि शाहाबाद की हरियाली और प्राकृतिक संतुलन सुरक्षित रह सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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