फैक्ट्री संचालक मनीष यादव ने आरोप लगाया कि चोरी के बाद उन्होंने लगातार तीन महीने तक थाने का रुख किया, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मनीष यादव ने बताया कि जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया और उसके बाद FIR दर्ज की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्ट दर्ज करते समय एसएचओ ने कहा था, ‘रिपोर्ट दर्ज करवाने का क्या फायदा, कुछ नहीं मिलेगा।’
चोरों ने 15 लाख के सामान पर हाथ किया था साफ
मनीष यादव ने रिपोर्ट में बताया कि उनकी फैक्ट्री से लगभग 250 बोरी सरसों, एक डबल पंखा, एक सिंगल पंखा, CCTV DVR, 100 किलो का कांटा, 5 कुर्सियां, इन्वर्टर और बैट्री चोरी हो गई। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।
गेट का ताला तोड़ अंदर घुसे थे चोर
फैक्ट्री संचालक ने बताया कि चोरों ने पहले मुख्य गेट का ताला तोड़कर प्रवेश किया, उसके बाद शेड के दोनों ताले तोड़कर अंदर घुसे और फिर ऑफिस का ताला तोड़कर सारा सामान चोरी कर लिया। घटना के समय फैक्ट्री में चौकीदार धर्मेन्द्र सैन तैनात थे।
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जुलाई में भी हुई थी चोरी
मनीष यादव ने कहा कि इससे पहले जुलाई माह में भी फैक्ट्री में चोरी हुई थी, लेकिन उस समय FIR नहीं दर्ज कराई गई। उस घटना में मोटर स्टार्टर, 10MM केबल, 10 HP की मोटर और टूल बॉक्स चोरी हुए थे। उन्होंने आशंका जताई है कि यह दूसरी बार चोरी चौकीदार की सहमति से की गई है। मनीष यादव ने बताया कि मार्केट डाउन होने के कारण फैक्ट्री कुछ समय के लिए बंद रही, और अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में फैक्ट्री लौटने पर सभी सामान सुरक्षित थे और चौकीदार भी मौजूद थे। वर्तमान चोरी की घटना अक्टूबर से 13 नवंबर के बीच हुई थी।
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