Vietnamese Pomelo Cultivation in Darbhanga: दरभंगा जिले के किसान अब मौसंबी की वृहद पैमाने पर खेती कर रहे हैं. दरअसल, मौसंबी के लिए उपयुक्त वातावरण और उपयुक्त मिट्टी का होना अति आवश्यक होता है. लेकिन उन सब चीजों से परे दरभंगा के किसान अपने खेतों में मौसंबी की फसल लगाए हुए हैं. बताते चले कि इस मौसंबी की वैरायटी वियतनाम की है. किसान का मानना है कि इसमें कम समय में ही ज्यादा फलन आना शुरू हो जाता है जिससे अच्छी आमदनी होती है. यह वियतनाम की वैरायटी है जिसकी बिहार में अच्छी पैदावार हो रही है.
इस पर जानकारी देते हुए किसान मनोज कुमार झा बताते हैं कि यह वियतनाम मौसमी है. यह वियतनाम की वैरायटी है बिहार में इसकी अच्छी पैदावार हो रही है. यही देखकर के इसके लगभग 150 पेड़ हमने लगाएं हैं. पिछली बार भी इससे अच्छी आमदनी हुई थी.

अभी पौधा छोटा होने के कारण कम उत्पादन होता है. एक साल दो साल के बाद इसमें और भी ज्यादा उत्पादन होगा. इसमें और भी फल लगेंगे. यह किसानों के लिए आमदनी का मुख्य स्रोत भी बनता जा रहा है. अब बिहार किसी भी वैरायटी या सीजनली सब्जी को लेकर किसी और राज्य और देश पर निर्भर नहीं है.

बिहार में हम जैसे कई ऐसे किसान हैं जो आधुनिक और उन्नत तरीके से खेती कर रहे हैं. सभी चीजें आपको अपने क्षेत्र में ही मिल जाएंगी. यह किसानों के लिए आमदनी का मुख्य स्रोत भी बनता जा रहा है और लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होने वाला आइटम भी.
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वियतनाम मौसंबी आम तौर पर पोमेलो (Pomelo) को कहा जाता है, जिसे वैज्ञानिक रूप से Citrus maxima कहते हैं. यह साधारण मौसंबी (स्वीट लाइम) से आकार और स्वाद में अलग होती है.

विटामिन C से भरपूर – इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार, फाइबर अधिक – पाचन के लिए अच्छा, कम कैलोरी – वजन संतुलन में सहायक, एंटीऑक्सीडेंट – त्वचा और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद।
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