बस्तर के किसान फरसु कश्यप ने अपनी बाड़ी में मूली भाजी उगाई, जो 25-30 दिन में तैयार हो जाती है. इसमें कम खर्च, कम बीमारी और अच्छा उत्पादन मिलता है.
यह 25–30 दिन में उग जाती है. इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता है. आप इन स्टेप्स को फॉलो कर मूली भाजी उगा सकते हैं. अगर आप इसे गोबर खाद में उगाएंगे तो अच्छा उत्पादन होगा. बस्तर के ग्रामीण इलाकों में घर की बाड़ी में अलग-अलग भाजियां उगाई जाती हैं.
25 से 30 दिन में मूली भाजी तैयार
लोकल 18 की टीम ने अपनी बाड़ी में मूली लगाने वाले किसान फरसु कश्यप से बातचीत की. फरसु कश्यप ने बताया कि सबसे पहले फावड़े से जमीन तैयार की. इसके बाद गोबर खाद डालकर मेड़ बनाई. फिर मूली के बीज लगाए. 25 से 30 दिन में मूली भाजी तैयार हो जाती है. इसमें बीमारियों का प्रकोप भी ज्यादा नहीं लगता है. मैंने पांच डिसमिल घर की बाड़ी में लगाया है. इसमें लगभग 200 मूली निकल जाएंगी.
कीटनाशक का छिड़काव जरूरी
यह मूली घर में खाने के लिए है. मेड़ बनाने से कंद अच्छा बैठता है. बीमारी आने पर थोड़ा कीटनाशक का छिड़काव कर देना चाहिए.बुवाई से पहले एक लिक्विड दवाई आती है, उसे मिलाकर बुवाई करने से बीमारियां नहीं दिखाई देती हैं.पत्तों में छेद होने पर बाजार से दवाई लाकर स्प्रे कर देना चाहिए. मैंने तीस रुपया का मूली बीज लाया था. यह मूली बीज दुबारा काम आएगा. रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया हूं. पानी ज्यादा नहीं दिखना चाहिए मिली भाजी नमी में अच्छी उगती है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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