जांजगीर-चांपा जिले में भूमि अधिग्रहण मुआवजे में 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अकलतरा पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर राशि का गबन करने वाले 5 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
आरोपी पिछले तीन वर्षों से फरार थे। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर उन्हें पकड़ा।
ग्राम तरौद निवासी योगेन्द्र सिंह चंदेल ने 8 अप्रैल 2023 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि के.एस.के. वर्धा पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसकी मुआवजा राशि 24 लाख रुपये थी।
फर्जी आधार कार्ड से बैंक से निकाली मुआवजा राशि
यह मुआवजा राशि बिलासपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन थी। इसी दौरान, अज्ञात व्यक्तियों ने प्रार्थी और उनके भाई के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाए। इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर डीसीबी बैंक जांजगीर में एक खाता खोला गया और पूरी मुआवजा राशि निकाल ली गई।
इस मामले में अकलतरा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस जांच के दौरान खाद्य विभाग से आधार संबंधी जानकारी जुटाई गई। इसके आधार पर संदेही दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर को हिरासत में लिया गया।
आरोपियों ने मिलकर बनाई थी फर्जीवाड़े की योजना
पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े की योजना दीपक दिवाकर के ससुर शंकर लाल भारद्वाज, परमेश्वर पाटले और विश्राम भारद्वाज ने मिलकर बनाई थी। आरोपियों ने झूठे शपथ पत्र का उपयोग कर आधार कार्ड में नाम बदलवाए, फिर बैंक खाता खुलवाकर मुआवजा राशि आपस में बांट ली।
पुलिस ने आरोपियों से फर्जी आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज, मोबाइल नंबर और फोटो सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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