नालंदा के बिहार थाना क्षेत्र के डॉक्टर कॉलोनी, चुना गली स्थित गढ़पर मैदान में शुक्रवार सुबह मिले युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान नूरसराय थाना क्षेत्र के कोकलक चक गांव निवासी सूर्यमणि प्रसाद के 23 वर्षीय पुत्र मंटू कुमार उर्फ गोलू के रूप में हुई है। वह पिछले दो महीनों से लहेरी थाना क्षेत्र के धनेश्वर घाट मोहल्ले में किराए के मकान पर रह रहा था। उसके शरीर पर कई जख्म और चोट के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई है।
परिजनों ने 3 हजार रुपये भेजे
मंटू की बड़ी बहन प्रिया कुमारी ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे भाई के मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन पर कहा गया कि दीदी, पैसा दे दो नहीं तो ये लोग मुझे मार देंगे।” जब उसने स्थान और पैसे की वजह पूछी, तो एक जगह का नाम बताया गया। इसी नंबर से एक स्कैनर भी भेजा गया, जिस पर 20 हजार रुपये की मांग की गई। परिजनों ने 3 हजार रुपये भेजे, लेकिन पैसे की मांग जारी रही। कुछ देर बाद भाई का फोन स्विच ऑफ हो गया।
रात करीब 3 बजे फिर भाई के नंबर से कॉल आया
प्रिया के मुताबिक, रात करीब 3 बजे फिर भाई के नंबर से कॉल आया। इस बार किसी ने खुद को मंटू का दोस्त बताते हुए कहा कि उसकी हालत गंभीर है और उसे सदर अस्पताल ले जाया जा रहा है। इसके बाद फोन बंद हो गया। सुबह पुलिस की ओर से सूचना मिली कि मंटू का शव बरामद हुआ है।
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पिता ने खेत बेचकर दिए थे बेटे को रुपये
मंटू की मां संगीता देवी ने बताया कि रात करीब 9 बजे बेटे से बात हुई थी। उसने कहा था कि वह बेलछी में है और डेरा जा रहा है। उसने यह भी बताया कि उसने किसी साथी को 1 लाख रुपये दिए थे। मंटू जमीन खरीद-बिक्री का काम करता था और घर का इकलौता बेटा था। दो बहनों में बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन अपने माता-पिता के साथ गांव में रहती है। पिता ने एक साल पहले खेत बेचकर उसके कारोबार के लिए 12 लाख रुपये दिए थे।
सदर डीएसपी वन नुरुल हक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा।
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