Coriander Cultivation Tips: धनिया की बुवाई अक्टूबर माह से जनवरी महीने तक की जा सकती है. करीब तीन महीने के अंदर फसल तैयार हो जाती है. अगर किसान भाई एक एकड़ में सही तरीके से खेती करें, तो एक लाख रुपये तक की कमाई संभव हो जाती है.
जदूनंदन वर्मा बताते हैं कि धनिया की अच्छी फसल के लिए खेत की तैयारी सबसे अहम होती है. सबसे पहले खेत में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद डाली जाती है. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल स्वस्थ रहती है. यदि खेत पूरी तरह सूखा हो और उसमें नमी न हो, तो बुवाई से पहले हल्का पानी देना जरूरी होता है.
बुवाई से मिलता बेहतर परिणाम
किसान वर्मा ने आगे बताया कि उन्होंने धनिया की बुवाई उस समय की, जब जुताई के दौरान खेत में पर्याप्त नमी मौजूद थी. इसी नमी में बीज डाल दिए गए, जिससे अंकुरण अच्छा हुआ. धनिया की खेती में ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती. अधिकतम एक से दो बार पानी देना ही पर्याप्त होता है.
देखभाल की कम जरूरत
जनवरी माह में धनिया में कल्ले आ चुके हैं और अब फूलों के साथ-साथ फल भी आना शुरू हो गया है, जो आगे चलकर बीज का काम करता है. किसान वर्मा बताते हैं कि इस फसल में ज्यादा देखभाल की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए बेहद लाभकारी है.
समय पर बुवाई से मिलती बेहतर कीमत
यदि धनिया की बुवाई समय रहते यानी अक्टूबर-नवंबर में कर ली जाए, तो बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है. जड़ सहित धनिया उखाड़कर बाजार में बेचने पर यह 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है. सर्दियों के दिनों में लगभग हर सब्जी में धनिया का इस्तेमाल होता है, जिससे इसका स्वाद दोगुना हो जाता है. इसी कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है और किसान को बेहतर दाम मिलते हैं.
अक्टूबर से जनवरी तक कर सकते हैं बुवाई
किसान जदूनंदन वर्मा के अनुसार, धनिया की बुवाई अक्टूबर से जनवरी तक की जा सकती है. लगभग तीन महीने के भीतर फसल तैयार हो जाती है. अगर किसान एक एकड़ में सही तरीके से खेती करें, तो लाख रुपये तक की कमाई संभव है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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