बिहार के पूर्वी चंपारण में स्थापित होने वाले दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का जिले में भव्य स्वागत किया गया। स्थापना से 12 दिन पहले ही गोपालगंज से डुमरिया घाट पुल के रास्ते जैसे ही विराट शिवलिंग ने पूर्वी चंपारण की धरती पर कदम रखा, वैसे ही श्रद्धालुओं
कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में भक्त घंटों पहले से सड़क किनारे खड़े होकर शिवलिंग के स्वागत का इंतजार करते नजर आए।
डुमरिया घाट पुल पार करते ही चारों ओर हर-हर महादेव के गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा। जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार बनाए गए थे, फूल-मालाओं और रोशनी से पूरे रास्ते को सजाया गया था।
श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ भगवान शिव का अभिनंदन किया। कई स्थानों पर शिवलिंग को कुछ देर के लिए रोका गया, जहां भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना की और जयकारे लगाए।
सोमवार की देर रात विराट शिवलिंग का विश्राम BBS तिवास पैलेस में कराया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिवलिंग मंगलवार सुबह कैथवाकी के लिए रवाना होगी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
हर चौराहे पर पुलिस टीम मौजूद
शिवलिंग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। चकिया के डीएसपी संतोष कुमार खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। उनके नेतृत्व में करीब 150 से अधिक पुलिस बल, जिसमें वरीय पुलिस अधिकारी से लेकर सिपाही तक शामिल हैं, को तैनात किया गया है। हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डुमरिया पुल से आईं शिवलिंग की तस्वीरें देखिए…
ट्रैफिक रोककर शिवलिंग को जर्जर डुमरिया पुल पार कराया गया।

शिवलिंग को 100 फीट की माला पहनाई गई।

बुलडोजर से शिवलिंग पर फूल बरसाए गए।
अब इससे पहले डुमरिया पुल पर फंसे शिवलिंग की तस्वीरें देखिए…

तमिलनाडु के महाबलिपुरम से दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंचा है।

यह विशाल शिवलिंग फिलहाल यूपी-बिहार बलथरी चेकपोस्ट पर रुका हुआ था।

शिवलिंग की सुरक्षा और भीड़-ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए तैनात पुलिस।
बता दें कि सोमवार सुबह खबर आई थी कि 210 मीट्रिक वजन वाला शिवलिंग पिछले 2 दिनों से गोपालगंज के बलथरी चेक पोस्ट पर फंसा हुआ है। दरअसल, विशाल आकार और भारी वजन के कारण इसके आगे बढ़ने में परेशानी हो रही थी।
शिवलिंग को पूर्वी चंपारण ले जाने के लिए डुमरिया पुल पार करना था। NH-27 पर स्थित डुमरिया पुल लंबे समय से जर्जर है। भारी वाहनों के लगातार परिचालन के कारण पुल कमजोर हो चुका है।
शिवलिंग को लेकर जा रहा ट्रक 110 चक्के वाला है, ऐसे में ट्रेलर और शिवलिंग का कुल वजन सैकड़ों टन है। ऐसे में मौके पर इंजीनियर्स की टीम बुलाई गई। फैसला हुआ कि पुल से जब शिवलिंग गुजरेगा दूसरे ट्रैफिक का लोड नहीं होना चाहिए। इसके बाद पुल पर ट्रैफिक को रोककर शिवलिंग को निकाला गया।
एक्सपर्ट इंजीनियर्स की टीम बुलाई गई थी
इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने विशेषज्ञ इंजीनियरों की एक टीम बुलाई थी। इस टीम में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
टीम ने पुल के पिलर्स और गर्डर के भार सहने की क्षमता की जांच की, ताकि सबसे कमजोर हिस्सों की पहचान की जा सके।

तकनीकी विशेषज्ञों के साथ किया गया मंथन
गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया, ‘इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ लगातार विचार-विमर्श किया गया। सभी पहलुओं सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और वैकल्पिक व्यवस्था पर मंथन के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया गया। पूरी तैयारी और अनुमति के साथ ही शिवलिंग को नारायणी नदी पार करवाई गई।
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि ‘शिवलिंग को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना लागू की जा रही है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।’

गोपालगंज में शिवलिंग को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
जिला प्रशासन मुस्तैद
गोपालगंज और पूर्वी चंपारण दोनों जिलों के डीएम खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि विराट रामायण मंदिर में लगने वाला ये शिवलिंग बिना किसी क्षति के अपने निर्धारित स्थान पर पहुंच सके।
तमिलनाडु से बिहार के गोपालगंज पहुंचने पर शिवलिंग का स्वागत हुआ। बलथरी चेक पोस्ट पर शिवलिंग की पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। भारी भीड़ और सड़क जाम को लेकर ट्रैफिक मैनेज करने में दिक्कतें आ रही है।
सुरक्षा को लेकर गोपालगंज जिला प्रशासन के द्वारा कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा और एसपी अवधेश दीक्षित ने शिवलिंग के स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक संचालन को लेकर अधिकारियों को कोताही नहीं बरतने के भी दिशा निर्देश दिए हैं।
तमिलनाडु में तैयार हुआ है शिवलिंग
बता दें कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फुट ऊंचा और 33 फुट लंबा शिवलिंग तैयार किया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 2178 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी कर गोपालगंज पहुंचा है। जिसे पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर में नवनिर्मित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
यह विशाल शिवलिंग फिलहाल यूपी-बिहार बलथरी चेकपोस्ट पर रुका हुआ है। इसे नारायणी नदी (गंडक) पार कर पूर्वी चंपारण पहुंचाया जाएगा।

पट्टीकाडु गांव में निर्माण के दौरान शिवलिंग की फाइल फोटो।
एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बना शिवलिंग
शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस शिवलिंग के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है। यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है।
तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था। शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने इसे तराशा है।
सड़क मार्ग से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था। शिवलिंग को रवाना करने के पहले पूजा-पाठ की गई थी, जिसमें स्थानीय गांव के लोग भी शामिल हुए थे।

शिवलिंग को यहां पर रखा जाएगा।
17 जनवरी को मंदिर में स्थापित होगा शिवलिंग
गोपालगंज से शिवलिंग खजुरिया, हुसैनी होते हुए केसरिया पहुंचेगा, जहां 17 जनवरी को इसे स्थापित करने की तैयारी चल रही है। उस दिन शिवलिंग की पीठ पूजा होगी। हालांकि, शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा बाद में होगी।
विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ललन सिंह के मुताबिक, जनवरी-फरवरी 2026 में शिवलिंग को विधिवत स्थापित किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 33 फीट का यह शिवलिंग विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर की भव्यता को और बढ़ाएगा।
अंतिम चरण में मंदिर का निर्माण कार्य
रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है। विराट रामायण मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग, गर्भ गृह का पाइलिंग, आदि का काम पूरा हो गया है।
आकार में यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी।

इसी जगह पर शिवलिंग को स्थापित किया जाएगा।
निर्धारित समय में निर्माण पूरा करने की तैयारी
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद और महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव सायन कुणाल के मुताबिक, मंदिर निर्माण काम को समय पर पूरा करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं, ताकि बिहार में विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर स्थापित हो सके।
साल 2023 के 20 जून को शिलान्यास के बाद विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। पटना से इस मंदिर की दूरी लगभग में 120 किलोमीटर है।
विराट रामायण मंदिर में चार आश्रम होंगे। चकिया का विराट रामायण मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण हो जाने पर यह विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर होगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.