गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर महिला स्वसहायता समूह सक्रिय हैं। जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम तरईगांव में आराधना महिला स्वसहायता समूह की सदस्य महिलाएं तिल, मूंगफली, करी और मुर्रा लड्डू बना रही हैं। इससे उनकी आय में लगातार
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समूह की सदस्य विमला पडवार, शांति और सविता सहित अन्य महिलाएं प्रतिदिन 4 से 5 घंटे काम करती हैं। वे रोजाना 300 से 400 रुपए कमा रही हैं, जिससे प्रत्येक महिला की मासिक आय लगभग 10 हजार रुपए तक पहुंच गई है।
स्वच्छता के साथ लड्डू निर्माण, रोजाना 10 हजार का उत्पादन
समूह की सदस्य शांतिबाई ने बताया कि तिल, गुड़, मूंगफली दाना और मुर्रा की साफ-सफाई कर पूरी स्वच्छता के साथ लड्डू बनाए जाते हैं। समूह प्रतिदिन लगभग 10 हजार लड्डुओं का उत्पादन कर रहा है, जिनकी आपूर्ति आसपास और गौरेला की किराना दुकानों में की जाती है।
“अरपा बिहान” ब्रांड के तहत उत्पादों का विस्तार
मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने बताया कि जिले में “अरपा बिहान” ब्रांड के तहत वर्तमान में चावल, कोदो, ब्लैक राइस और शहद का विक्रय किया जा रहा है। भविष्य में अन्य उत्पादों की भी उच्च गुणवत्ता के साथ ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर फ्लिपकार्ट व अमेजन जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचने की योजना है।
बिहान मार्ट से महिला समूहों को बाजार
वर्तमान में कलेक्टर कार्यालय परिसर, जीपीएम के सामने संचालित बिहान मार्ट के माध्यम से समूहों की ओर से निर्मित विष्णुभोग चावल, कोदो, शहद, ब्लैक राइस, साबुन, नमकीन और बांस से बनी कलात्मक सामग्री बेची जा रही है। इससे महिला स्वसहायता समूहों को स्थानीय के साथ-साथ व्यापक बाजार मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
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