हरियाणा में बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी या नहीं, इसका फैसला हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) आगामी दिनों में करेगा। आयोग ने नए वित्त वर्ष 2026-27 की बिजली दरों को लेकर 7 और 8 जनवरी को पंचकूला स्थित एचईआरसी कोर्ट रूम में जनसुनवाई निर्धारित की है।
यह जनसुनवाई उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) द्वारा दायर याचिकाओं पर होगी। दोनों निगमों ने बढ़े हुए खर्चों का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 51,156.71 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) की मांग की है। आयोग सभी तथ्यों, उपभोक्ताओं की आपत्तियों और सुझावों के आधार पर यह तय करेगा कि बिजली दरों में बदलाव किया जाए या नहीं।
वित्त वर्ष 2024-25 के ट्रू-अप के तहत दोनों वितरण निगमों ने 48,394.77 करोड़ रुपये के एआरआर की मांग की थी। आयोग ने इन याचिकाओं पर बिजली उपभोक्ताओं से 4 जनवरी तक आपत्तियां, सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। उल्लेखनीय है कि यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने 28 नवंबर 2025 को आयोग के समक्ष 2026-27 के लिए एआरआर याचिकाएं दाखिल की थीं।
प्रसारण और उत्पादन निगमों की भी जनसुनवाई
इसी क्रम में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) और हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल) ने भी 26 नवंबर 2025 को अपनी एआरआर याचिकाएं आयोग में दायर की थीं। इन पर भी उपभोक्ताओं से 4 जनवरी तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इन दोनों निगमों की जनसुनवाई 7 जनवरी को आयोजित की जाएगी। एचईआरसी के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा, सदस्य मुकेश गर्ग और शिव कुमार के समक्ष 7 व 8 जनवरी को बिजली निगमों के अधिकारी और उपभोक्ता अपने-अपने पक्ष रखेंगे। आयोग को याचिकाएं दायर होने की तिथि से 120 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय देना अनिवार्य है।
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