शर्मा परिवार के मुखिया मनोज शर्मा पिछले आठ वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में इलाज करवा रहा है। इसी बीच सड़क चौड़ीकरण की जद में उनका मकान आ गया है, जिससे परिवार के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में परिवार के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वे बीमारी का इलाज जारी रखें या फिर मकान टूटने की स्थिति में नया ठिकाना तलाशें।
नहीं थम रहे आंसू
मनोज शर्मा की पत्नी सविता शर्मा ने बताया कि जैसे ही उन्हें क्षेत्र में चौड़ीकरण कार्य की जानकारी मिली, तब से उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा तेजी से चौड़ीकरण की कार्रवाई की जा रही है। परिवार को नोटिस भी थमाए जा चुके हैं और सात दिन का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। सविता का कहना है कि वह समझ नहीं पा रही हैं कि ऐसे हालात में क्या करें।
मकान में लगी है जीवन भर की कमाई
परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी इस मकान के निर्माण में लगा दी है। नकद धन तो उनके पास नहीं है, लेकिन यह मकान उनके लिए एकमात्र आशियाना है। परिवार ने चौड़ीकरण से जुड़ी समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं, कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
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इलाज पर हो रहा है भारी खर्च
सविता शर्मा ने बताया कि पति के इलाज पर प्रतिमाह हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं। उन्हें प्रतिदिन ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है, जिसके साथ दवाइयों और अन्य चिकित्सा खर्चों को मिलाकर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। पूरा परिवार और सविता के भाई मिलकर जैसे-तैसे इलाज का खर्च उठा रहे हैं और जीवनयापन कर रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद से पूरा परिवार सदमे में है और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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