गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्यकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है उसके कई दुश्मन मिल रहे हैं। हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों के भी झारखंड से उत्तराखंड तक कई मददगार मिले हैं। इस कारण हत्याकांड की गुत्थी और उलझती जा रही है।
बताया जा रहा है कि झारखंड में विक्रम शर्मा जरायम की दुनिया का बड़ा नाम था। उस पर 50 से अधिक मामले दर्ज थे। विक्रम ने अपने चेले अखिलेश सिंह को डॉन के रूप में स्थापित करने में भी कई लोगों से रंजिश पाल ली थी।
खुद विक्रम पर 2007 में साकची आम बागान के पास श्री लेदर के मालिक आशीष डे और चार अक्तूबर 2008 को बिष्टुपुर में टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह समेत कई हाईप्रोफाइल लोगों की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि विक्रम को जिससे लाभ दिखता था वह उसे अपना बनाने की कोशिश करता था। अपना सिक्का जमाने के लिए पुलिस, राजनेता सभी को साधकर रखता था।
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इसके गैंग के गुर्गे अपराध करते और पुलिस मुकदमा उसके विरोधियों पर करती। तब ददई यादव और बड़ा निजाम के गिरोह से इसकी रंजिशें हुईं। इसके बाद ददई यादव और बड़ा निजाम मारे गए। हाल फिलहाल में गणेश सिंह के साथ इसकी रंजिशों की चर्चाएं हैं।
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