बॉलीवुड फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट की जमानत याचिका पर सोमवार को एक बार फिर सुनवाई नहीं हो सकी। संबंधित जज के अवकाश पर रहने के कारण अदालत में सुनवाई टल गई। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में मंगलवार, 23 दिसंबर को उदयपुर की एडीजे-3 कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई और संभावित निर्णय होने की संभावना है।
इससे पहले शुक्रवार को एसीजेएम कोर्ट-4 ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद बचाव पक्ष ने सेशन कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया था, जिस पर सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित थी।
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी पर फिल्म निर्माण के नाम पर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। दोनों फिलहाल उदयपुर की सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या है पूरा मामला
राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट के साथ एक फिल्म निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था। बाद में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए डॉ. मुर्डिया ने 17 नवंबर को उदयपुर में विक्रम भट्ट सहित आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।
मुंबई से हुईं गिरफ्तारियां
जांच के दौरान उदयपुर पुलिस ने भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और कथित फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से गिरफ्तार किया। इसके बाद 7 दिसंबर को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को मुंबई स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया। दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
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हाईकोर्ट ने भी लिया संज्ञान
गिरफ्तारी के दिन ही राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच में विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी। गिरफ्तारी में जल्दबाजी के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट ने आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को तलब करने के आदेश दिए थे।
बॉलीवुड से जुड़े होने और करोड़ों रुपये के लेनदेन के कारण यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब सभी की नजरें मंगलवार, 23 दिसंबर को एडीजे-3 कोर्ट में होने वाली जमानत सुनवाई और फैसले पर टिकी हुई हैं।
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