डोडा जिले की देसा घाटी में शुक्रवार शाम आतंकियों की एक बड़ी साजिश को विलेज डिफेंस गार्ड (वीडीजी) की बहादुरी ने नाकाम कर दिया। शाम करीब 7:00 बजे जब तीन हथियारों से लैस आतंकियों ने रिहायशी इलाके को निशाना बनाने की कोशिश की तो एक सतर्क स्थानीय गार्ड ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक दावेलकुंड इलाके के पास जंगल के रास्ते तीन संदिग्ध आतंकी गांव की ओर बढ़ते देखे गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वहां तैनात वीडीजी सदस्य ने तुरंत मोर्चा संभाला। उसने न केवल अपने परिवार और घर को सुरक्षित किया बल्कि कवर लेते हुए आतंकियों की दिशा में सटीक फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस जवाबी हमले से आतंकी घबरा गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि स्थानीय स्तर पर इतनी कड़ी चुनौती मिलेगी।
खुद को घिरता देख आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर वापस घने जंगलों की ओर भाग निकले। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और सेना की राष्ट्रीय राइफल्स को सूचित किया गया। एसएसपी डोडा संदीप मेहता ने बताया कि देसा गांव में आतंकवादी हमला होने जैसा वाकया हुआ है पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया है।
डोडा के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अन्य वीडीजी सदस्यों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वीडीजी सदस्य की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े जानमाल के नुकसान को टाल दिया है। यह स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच मजबूत तालमेल का परिणाम है।
वीडीजी की भूमिका फिर हुई साबित
हाल के दिनों में जम्मू क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों में आई तेजी के बीच विलेज डिफेंस गार्ड्स सुरक्षा की पहली पंक्ति साबित हो रहे हैं। देसा घाटी की इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय लोग आतंक के खिलाफ डटकर खड़े हैं।
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