‘मैंने प्यार करके शादी की थी। तीन साल तक कुंदन को जाना और समझा, फिर कोर्ट मैरिज की। लगा था जिंदगी सुकून से कटेगी। इस दौरान 3 बच्चे भी हुए, लेकिन वक्त के साथ सब बदल गया। रिश्ते में घुटन बढ़ने लगी, बात-बात पर झगड़ा शुरू हो गया।
मैं हर दिन के विवादों से परेशान होने लगी थी। मेरे रिश्ते में चचेरे भाई से बातचीत शुरू हुई तो थोड़ा सुकून मिलने लगा। आज लोग सवाल कर रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि मैंने यह रास्ता क्यों चुना।’
यह कहना है वैशाली की रानी कुमारी का। रानी ने अपने पहले पति कुंदन कुमार से तलाक लेकर बॉयफ्रेंड गोविंद कुमार से कोर्ट मैरिज कर ली है। कोर्ट में गवाह खुद पति बना है। उसने ही अपनी पत्नी की शादी उसके बॉयफ्रेंड से करवाई है। वो कहता है- अगर शादी नहीं करवाता तो वो मेरी हत्या कर देती। जिससे शादी हुई है, वह लड़का रिश्ते में रानी का चचेरा भाई लगता है।
रानी ने अपने पति को क्यों छोड़ा, पति ने खुद गवाह बनकर पत्नी की शादी क्यों करवाई? रानी की सास क्या कहती हैं? बच्चों का क्या होगा? जानने के लिए भास्कर ने परिवार से बातचीत की। पढ़िए रिपोर्ट…।
कोर्ट में शादी के दौरान की तस्वीर- दोनों के पक्षकार वकील प्रमोद कुमार, पीछे रानी कुमारी और उसका पति गोविंद।
सबसे पहले पूरी कहानी रानी की जुबानी…
- अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं: रानी बताती है कि ‘साल 2011 में मैं बालिग थी। कुंदन से मेरा अफेयर चलने लगा। करीब तीन साल तक एक दूसरे से प्यार किया। इसके बाद कुंदन से कोर्ट मैरिज की। कोर्ट में खुद बयान दिया कि मैं अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं।
- रिश्ते में वो अपनापन खत्म हो गया: शादी के शुरुआती साल ठीक रहे। मेरा घर बसा और तीन बच्चे हुए। लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते में वो अपनापन खत्म होने लगा। बातें कम और तकरार ज्यादा होने लगी। कुंदन भी तरह-तरह की बातों पर बहस करता रहता था। मैं हर बात पर डरने लगी थी।
- मैं टूट जाऊंगी या कुछ गलत हो जाएगा: मैं यह नहीं बताना चाहती हूं कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ। कुछ जख्म ऐसे होते हैं, जिन्हें दिखाया नहीं जाता। लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि मैं इस रिश्ते अब खुश नहीं थी। मुझे लगने लगा था कि अगर मैं वहां रही, तो मैं टूट जाऊंगी या बहुत गलत हो जाएगा।’
- रिश्ते में भाई जैसा लगता था: रानी कहती हैं, ‘गोविंद मेरी जिंदगी में अचानक नहीं आया। वह पहले से मेरे संपर्क में था। रिश्ते में भाई जैसा लगता था। शुरुआत बिल्कुल सामान्य बातचीत से हुई थी। हालचाल पूछना, बच्चों की बातें करना। लेकिन बीते करीब 5 सालों में जब से वह जम्मू गया तो सोशल मीडिया के जरिए उससे बातचीत बढ़ती चली गई। वह जम्मू में प्राइवेट जॉब करता है।

रानी कुमारी अपने चचेरे भाई (नए प्यार) गोविंद के साथ, दोनों ने नए रिश्ते के बारे में जानकारी दी।
- वो मुझे बहुत ध्यान से सुनता था: फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हमारी बातें होने लगी। इस दौरान हम दोनों एक दूसरे में प्यार महसूस करने लगे। वो मुझे बहुत ध्यान से सुनता था, उसके साथ बातचीत में मैंने पहली बार महसूस किया कि कोई मेरी बात समझ रहा है।
- बच्चे भी डरने लगे थे: हालांकि उससे बातचीत करते समय मुझे डर लगने लगा कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो कुंदन मुझे मार देगा, या मैं खुद कुछ गलत कर बैठूंगी। धीरे-धीरे कुंदन को हमारी बातचीत के बारे में पता चलने लगा। इससे विवाद भी बढ़ने लगा। कई बार हालात इतने बिगड़ गए कि बच्चे भी डरने लगे।
- फैसला कर लिया था- पीछे नहीं हटना है: इसी गुस्से में मैं कई बार घर छोड़कर चली गई। मैं गोविंद से मिलने जम्मू भी गई। वहां मुझे शांति मिली। मैंने फैसला कर लिया था कि अब पीछे नहीं लौटूंगी। मैंने कुंदन से साफ कह दिया कि मैं इस रिश्ते में नहीं रह सकती। इसके बाद कुंदन भी इस बात पर राजी हो गया।
- बच्चे अपने पिता के पास ही रहेंगे: अब हमारा तलाक हो गया है। कोर्ट में मैंने वही कहा, जो सच था। कुंदन ने खुद गवाह बनकर मेरी और गोविंद की शादी करवाई है। मैंने अपने बच्चों को छोड़ने का फैसला किया है, क्योंकि गोविंद ने साफ कहा था कि बच्चे अपने पिता के पास ही रहेंगे।’

पति का दर्द: वो मेरे प्यार को भूलकर दूसरे से बात करने लगी
कुंदन कुमार ने बताया, ‘मैंने कई बार रानी से बात करने की कोशिश की। बच्चों का हवाला दिया। परिवार टूटने की बात कही। वो छोटी-छोटी बात पर लड़ने लगती थी। मैंने कहा कि बच्चे छोटे हैं, अपने परिवार के साथ रहो। अगर कोई गलती है, तो मिलकर सुधारते हैं। लेकिन रानी तैयार नहीं थी।
वह कई बार बिना बताए घर छोड़कर जम्मू चली जाती थी। घरवालों को चिंता रहती थी कि बच्चे मां के बिना कैसे रहेंगे। डेढ़ महीने पहले भी रानी घर से चली गई थी। इस बार उसने लौटने से साफ मना कर दिया। मैंने तब फैसला किया कि जबरदस्ती रिश्ते को नहीं खींचूंगा’
कुंदन कहता है, ‘अगर वह खुश नहीं है, तो उसे आजाद करना ही बेहतर है। अगर में उसकी शादी नहीं करवाता तो वो मुझे मार भी देती या खुद सुसाइड कर लेती। ऐसे में मैंने अपनी मर्जी से उसके ब्वॉयफ्रेंड से शादी करवा दी। तलाक के बाद भी मैंने कोई दुश्मनी नहीं रखी। खुद कोर्ट में गवाह बनकर रानी और गोविंद की शादी करवाई। अगर वह कहीं और खुश रह सकती है, तो रास्ता साफ होना चाहिए।’

सास बोलीं- वो पति से गाली-गलौज करती थी
सास का कहना है कि, शादी के कुछ साल तक सब ठीक था। लेकिन बाद में रानी का व्यवहार बदलने लगा। जब वह अपने प्रेमी के संपर्क में आई, तब से पति से ठीक से बात नहीं करती थी। वह पति से गाली-गलौज करती थी। कभी-कभी बच्चों पर भी हाथ उठाती थी। हमने कई बार समझाया पर वो किसी की सुनती नहीं थी।
सास का आरोप है कि रानी कई बार प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। परिवार बदनामी के डर से चुप रहा। बच्चे डर में जी रहे थे। इसलिए मेरे बेटे ने खुद उसकी शादी करवा दी।
पिता के पास रहेंगे तीनों बच्चे
सास बताती हैं, तीनों बच्चे कुंदन के पास रहेंगे। गोविंद ने साफ कर दिया था कि वह बच्चों की जिम्मेदारी नहीं ले पाएगा। बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी कुंदन निभाएंगे। परिवार के दूसरे सदस्य भी मदद करेंगे। मैं बुढ़ापे में उनको कैसे पालूंगी। इसकी चिंता है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.