मंदसौर में एक होटल में ठहरे युवक द्वारा अपनी पहचान छिपाने का मामला उस समय उजागर हुआ, जब महज़ 600 रुपये के यूपीआई भुगतान ने उसकी पूरी कहानी सामने ला दी। खुद को ‘चेतन प्रकाश’ बताने वाला युवक दरअसल राजस्थान के जैसलमेर का रहने वाला अशरफ खान था, जिसने होटल में ठहरने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। घटना मंदसौर के होटल राज की है। यहां एक युवक और युवती ने कमरा बुक कराया। युवक ने होटल के रजिस्टर में अपना नाम चेतन प्रकाश बताया और पहचान के तौर पर आधार कार्ड प्रस्तुत किया, जिसमें वही नाम दर्ज था। युवती उसके साथ ठहरी थी और दोनों सामान्य मेहमानों की तरह होटल में प्रवेश कर गए।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन होटल संचालक अशोक मारू को तब शक हुआ जब भुगतान से जुड़ी जानकारी की जांच की गई। होटल के रूम चार्ज के तौर पर युवक की ओर से 600 रुपये का यूपीआई भुगतान किया गया था। जब होटल संचालक ने ट्रांजैक्शन डिटेल देखी तो जिस खाते से राशि आई थी, वह अशरफ खान के नाम पर दर्ज था। होटल रजिस्टर में युवक का नाम चेतन प्रकाश था, जबकि भुगतान किसी और नाम से आया था। यही से मामला संदिग्ध हो गया।
शक गहराने पर होटल संचालक ने रात में दोनों से दोबारा बातचीत की। इस दौरान युवक के पास से एक और आधार कार्ड बरामद हुआ। दोनों आधार कार्ड में फोटो एक ही थी, लेकिन नाम और पता अलग दर्ज थे। एक कार्ड में नाम चेतन प्रकाश था, जबकि दूसरे में अशरफ खान। यह स्पष्ट हो गया कि युवक ने फर्जी पहचान के सहारे होटल में रुकने की कोशिश की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल संचालक ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक और युवती को थाने ले जाकर पूछताछ की। जांच में युवक की असली पहचान अशरफ खान निवासी जैसलमेर, राजस्थान के रूप में हुई।
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पुलिस को यह भी पता चला कि दोनों आधार कार्ड राजस्थान के ही बताए जा रहे हैं, जिससे फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने की आशंका और गहरी हो गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अशरफ अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंदसौर लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने आया था। इसी कारण दोनों ने सुबह होटल में कमरा लिया और परीक्षा देने चले गए।
बताया जा रहा है कि युवती राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली है। दोनों जोधपुर के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे डर था कि मुस्लिम नाम होने के कारण हिंदू युवती के साथ होटल में ठहरने पर विवाद या परेशानी हो सकती है। इसी डर के चलते उसने हिंदू नाम वाला फर्जी आधार कार्ड बनवाकर होटल में ठहरने का रास्ता चुना। हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और तकनीक ने ही उसकी असलियत उजागर कर दी।
थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी आधार कार्ड कैसे और कहां से बनाए गए, क्या इनका इस्तेमाल पहले भी कहीं किया गया, और क्या इस पूरे मामले में किसी गिरोह की भूमिका तो नहीं है। फिलहाल पुलिस दोनों आधार कार्ड की जांच करवा रही है। साथ ही यूपीआई खाते, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
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