ईरान पर इस्राइल और अमेरिका के हमले से पीतलनगरी के हस्तशिल्प उद्योग पर संकट के बादल फिर से गहराने लगे हैं। क्योंकि अमेरिका, जापान समेत मिडिल ईस्ट के देशों में जिले के हस्तशिल्प उत्पाद का सबसे अधिक कारोबार होता है। शहर के कई निर्यातकों ने बताया कि अगर युद्ध चलता रहा तो हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार प्रभावित होगा और निर्यातकों के आर्डर रुकेंगे।
इससे उन्हें करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ेगा। हस्तशिल्प उत्पाद से जिले के करीब 2400 निर्यातक जुड़े हैं। जिले से हर साल 8000 से 9000 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात होता है। सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका, जापान समेत मिडिल ईस्ट देशों में होता है।
शनिवार को ईरान पर इस्राइल और अमेरिका ने हमला कर दिया। इसकी वजह से जिले के निर्यातकों में टेंशन बढ़ गई। शहर के कई निर्यातकों का कहना है अमेरिका, ईरान व इस्राइल के युद्ध की वजह से फ्रैंकफुर्त मेले व दिल्ली फेयर में मिले आर्डर अब होल्ड कर दिए जाएंगे।
इसके साथ ही जिन आर्डरों पर खरीदारों से बातचीत चल रही है वह भी बंद हो जाएगी। इसकी वजह से आगामी आर्डर नहीं मिलेंगे। जिले के सैकड़ों निर्यातकों का 75 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार प्रभावित होने की संभावना रहेगी। निर्यातकों का कहना है कि पहले टैरिफ और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने निर्यात को प्रभावित किया है।
वर्ष 2025 में अकेले अमेरिका से आधे से अधिक निर्यात घट गया था। अब अमेरिका, इस्राइल व ईरान युद्ध की वजह से निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। निर्यातक बताते हैं कि तीन से चार दिन युद्ध चला तो यह साफ होने लगेगा कि कितने करोड़ का निर्यात प्रभावित होगा और कितने करोड़ का आर्डर कैंसिल हुआ है।
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