झांसी में दो कारोबारियों से डेढ़ करोड़ रुपये की घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार सेंट्रल जीएसटी के अफसरों से सीबीआई पूछताछ करेगी। राजधानी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को तीनों अफसरों को कस्टडी रिमांड पर देने की सीबीआई की अर्जी को मंजूर कर लिया। तीनों को बुधवार को लखनऊ जेल से अपनी सुपुर्दगी में लेने के बाद सीबीआई कार्यालय लाकर पूछताछ का सिलसिला शुरू होगा।
अदालत ने सीबीआई द्वारा बीती 31 दिसंबर को गिरफ्तार की गईं सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की एक दिन और टैक्स अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी व अजय कुमार शर्मा को तीन दिन की रिमांड मंजूर की है। तीनों को हार्डवेयर कारोबारी राजू मंगतानी से 70 लाख रुपये की घूस लेते हुए दबोचा गया था। इस मामले में राजू मंगतानी के साथ अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था।
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दो अन्य कारोबारियों जय अंबे प्लाईवुड फर्म के लोकेश तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के तेजपाल मंगतानी को भी एफआईआर में नामजद किया गया था। सीबीआई ने इसके बाद तीनों सीजीएसटी अफसरों के झांसी और दिल्ली के ठिकानों पर छापा मारकर 90 लाख रुपये नकद, चांदी के बार और तमाम संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए थे।
कई अन्य चेहरे आ सकते हैं सामने
इस मामले में सीजीएसटी के बड़े अफसरों की भूमिका की जांच भी सीबीआई कर रही है। तीनों अफसरों से पूछताछ के दौरान इस बारे में भी सवाल किए जाएंगे। उनके ठिकानों से मिली नकदी, संपत्तियों के दस्तावेज के बारे में भी पूछताछ होगी। इससे कई अन्य चेहरे भी सामने आ सकते हैं।
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