रायगढ़ जिले में बीमा अवधि के दौरान ट्रक को अज्ञात वाहन के चालक के द्वारा पीछे से ठोकर मारकर क्षतिग्रस्त कर देने के बाद युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के द्वारा बीमा भुगतान करने में आनाकानी करने के मामले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए परिवादी को क्षतिपूर्ति भुगतान करने का आदेश जारी किया है।
आवेदिका श्वेता किन्डो, निवासी सेठी नगर चक्रधर नगर का परिवाद संक्षेप में इस प्रकार है कि उसने अपने स्वामित्व का वाहन टीआईएलटी केब एचडीएबी ट्रक क्रमांक सीजी 13 एएफ 6932 है। आवेदिका ने अपने वाहन से अपने परिवार का जीविका पार्जन हेतु गैस लाने ले जाने एवं उक्त गैंस एजेंसी में गैस विक्रय करने का व्यवसाय करती है। अनावेदक 02 क्षेत्रीय प्रबंधक युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी रायपुर के द्वारा अपने बीमा कंपनी के मोटर क्लेम प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। आवेदिका उक्त वाहन का बीमा अनावेदक क्रमांक 01 शाखा प्रबंधक, युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गौशालापारा रायगढ़ के पास विधिवत प्रीमियम राशि 40,614 जमाकर पूर्ण रूप से बीमा कराया था, जो कि 20 मई 2022 से 19 मई 2023 तक के लिये वैध रहा।
उक्त वाहन को 27 नवंबर 2022 को गैस एजेंसी के सामने स्टेडियम रोड के पास खड़ा किया था। सुबह 6 बजे अज्ञात वाहन के द्वारा उक्त वाहन को पीछे से लापरवाही पूर्वक ठोकर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। उक्त दुर्घटना की सूचना आवेदिका ने अनावेदकगण को तत्काल दी गई। जिस पर अनावेदकगण के द्वारा अपने सर्वेसर को मौके पर भेजकर दुर्घटना की जांच कराया। सर्वेयर ने आवेदिका को वाहन में हुई क्षति मरम्मत के संबंध में कोटेशन बिल तैयार कराकर क्लेम फार्म भरकर अनावेदक क्रमांक 01 के कार्यालय में जमा कराने को कहा। जिसके बाद उक्त वाहन को हरिओम मोटर्स गैरेज विजयपुर मरम्मत के लिये ले जाया गया। जहां गैरेज के मैकेनिको ने क्षति का आंकलन कर कोटेशन बिल लागत 1 लाख रूपये आना बताया।
आवेदिका श्वेता किंडा ने कोटेशन व क्लेम भरकर अनावेदक क्रमाक 1 के कार्यालय में जमा किये जाने पर क्षतिग्रस्त वाहन को स्वयं के रकम अदाकर मरम्मत कराने के अंतिम व्यय संबंधी बिल प्रस्तुत करने पर उक्त रकम आवेदिका को अदा कर दिये जाने का आश्वासन दिया गया। वाहन मरम्मत के बाद खर्च हुए एक लाख रूपये बिल के साथ संपूर्ण जानकारी शपथ पत्र के साथ युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के रायगढ़ शाखा में जमा कराया गया। 20 अक्टूबर 2023 को बीमा कंपनी की ओर से आवेदिका को पत्र के माध्यम से सूचना दी गई कि वाहन चालक संजय कुमार के पास वैध ड्रायविंग लायसेंस न होनें के कारण क्षतिपूर्ति दावा निरस्त कर दिया गया है।
आवेदिका श्वेता किण्डो ने पुत्र एक शपथपत्र देते हुए बताया गया कि खड़े वाहन को अज्ञात वाहन ने ठोकर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया तथा घटना के समय चालक वाहन नही चला रहा था। इस शपथ पत्र के बाद कंपनी द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया। जिसके बाद आवेदिका ने अपने उपभोक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा गया जिसका जवाब देते हुए कंपनी ने राशि अदा करने से स्पष्ट मना कर दिया। जिस पर आवेदिका श्वेता किण्डो ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर बीमित राशि दिलाने मांग की।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल, सदस्यद्वय राजेन्द्र पाण्डेय एवं राजश्री अग्रवाल ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कमी करने का दोषी पाया गया। आयोग ने बीमा कंपनी को आवेदिका श्वेता किण्डो को बीमा दावे की राशि 62 हजार 500 रूपये, 45 दिवस के भीतर देने, मानसिक क्षति के रूप में 10 हजार रूपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रूपये अदा करने का आदेश जारी किया।
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